
बेरूत/यरुशलम, 29 जनवरी (वार्ता) दक्षिणी लेबनान में अलग-अलग इजरायली हमलों में मंगलवार को 18 लोग घायल हो गए। लेबनानी चिकित्सा और सुरक्षा सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
लेबनानी सेना के मार्गदर्शन निदेशालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में यारून-मरून अल-रास सड़क पर सेना के जवानों और नागरिकों पर गोलीबारी की। इस हमले में तीन नागरिक और एक सैनिक घायल हुए हैं। सैनिक उन निवासियों के साथ था, जो दक्षिणी सीमा के कस्बों में लौट रहे थे।
लेबनान की आधिकारिक राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (एनएनए) ने बताया कि मंगलवार शाम को एक इजरायली ड्रोन ने नबातिह अल-फौका राजमार्ग पर फलों और सब्जियों के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एक पिकअप ट्रक पर मिसाइल दागी, जिससे ट्रक नष्ट हो गया और कई लोग घायल हो गए।
एक लेबनानी सुरक्षा सूत्र ने शिन्हुआ को बताया कि घायलों को लेबनानी रेड क्रॉस एम्बुलेंस द्वारा नबातीह के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एनएनए की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग एक घंटे बाद, एक अन्य इजरायली ड्रोन ने दो किमी से भी कम दूरी पर ज़ावतार-नबातिह अल-फौका रोड पर ‘फराह रेस्ट स्टॉप’ के आसपास के क्षेत्र को निशाना बनाते हुए दूसरा हमला किया।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, शाम को हुए दो हमलों में 14 लोग घायल हो गए।
लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने इन ताजा हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इजरायली आक्रमण लेबनान की संप्रभुता का एक और उल्लंघन है और यह युद्धविराम समझौते तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का खुला उल्लंघन है।
श्री मिकाती के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, उन्होंने युद्धविराम निगरानी समिति के प्रमुख, अमेरिकी जनरल जैस्पर जेफर्स से संपर्क किया और इजरायल को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए सख्त रुख अपनाने का आग्रह किया।
इजरायली सेना ने मंगलवार को एक बयान में पुष्टि की कि उसने दक्षिणी लेबनान में एक ट्रक और एक अन्य वाहन पर हवाई हमले किए। सेना का दावा है कि ये वाहन लेबनानी सशस्त्र समूह हिज़्बुल्लाह के थे और शकीफ तथा नबातिया क्षेत्रों में हथियार ले जा रहे थे।
इसी बीच, कल लेबनानी सेना ने घोषणा की कि इजरायली सेना की वापसी के बाद उसने लितानी नदी के दक्षिण में स्थित पश्चिमी और केंद्रीय क्षेत्रों के गांवों में अपनी इकाइयों की तैनाती कर दी है।
लेबनानी क्षेत्रों से रविवार को इजरायल की वापसी के लिए 60 दिनों की समय सीमा समाप्त हो गई। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लगभग 14 महीने के संघर्ष के बाद पिछले साल नवंबर के अंत में हुए युद्धविराम समझौते के तहत, लेबनानी सेना को लितानी नदी के दक्षिणी इलाकों का नियंत्रण संभालना था। सेना को इन क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी थी और वहां किसी भी तरह के हथियारों और लड़ाकों की मौजूदगी को रोकना था। समझौते के बावजूद, इज़रायली सेना ने लेबनान में हमले जारी रखे हैं।
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में अपने कब्जे वाले गृहनगर लौटने की कोशिश कर रहे लेबनानी लोगों की भीड़ पर इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है, जबकि 160 अन्य घायल हो गए हैं।
लेबनान की कार्यवाहक सरकार ने सोमवार को इजरायल के साथ युद्धविराम को 18 फरवरी तक बढ़ाने का फैसला किया। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि इजरायल प्रारंभिक 60 दिन की युद्धविराम संधि की समय सीमा के भीतर दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना हटाने में विफल रहा।
