2 दिनों से खुला है गंभीर का एक गेट, पानी की आवक जारी, डेम हुआ लबालब

उज्जैन: शहर में बारिश थमी हुई है बावजूद इसके गंभीर डेम में पानी की आवक जारी है और शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। शुक्रवार तड़के गंभीर का एक गेट लेवल मेंटेन रखने के लिए खोला गया था जो दूसरे दिन शनिवार को भी खुला हुआ था। 2 सप्ताह पहले तक शहर जलसंकट के मुहाने पर खड़ा नजर आ रहा था। लेकिन इंदौर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हुई बारिश के चलते जलसंकट पूरी तरह से दूर हो चुका है। जल प्रदाय का सबसे बड़ा साधन गंभीर डेम अपनी क्षमता को पार कर चुका है। शुक्रवार तड़के 5.30 बजे डेम का लेवल मेंटेन रखने के लिए गेट नंबर 3 खोला गया था। जिसे पानी की आवक को देखते हुए कम ज्यादा किया जा रहा है।

शनिवार देर शाम तक लगातार गंभीर डेम से पानी छोड़ा जा रहा था। डेम प्रभारी राजीव शुक्ला के अनुसार पानी की आवक कभी तेज तो कभी कम हो रही है। शनिवार सुबह कम रफ्तार से पानी आने पर गेट को आधा मीटर कम किया गया था। शुक्रवार को 2 मीटर के लगभग गेट खोला गया था। गौरतलब हो कि शहर में इस बार उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई है अभी औसतन आंकड़े में 9 इंच की कमी बनी हुई है। जीवाजीराव वेधशाला के अनुसार शहर के आसपास वायु प्रेशर अधिक होने की वजह से रुक-रुक कर बारिश हुई है। जिसके चलते अब तक 27 इंच दर्ज हो सकी है। वर्षाकाल को 5 दिनों का समय शेष बचा है। पिछले 3 दिनों से मौसम साफ बना हुआ है। काले बादल आसमान से गुजरते नजर आ रहे हैं। अब बारिश की उम्मीद काफी कम नजर आ रही है।

तापमान में उतार चढ़ाव
शहर में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री के करीब पहुंच गया था। शुक्रवार को 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शनिवार सुबह से धूप खिली हुई नजर आ रही थी और उमस महसूस हो रही है। जिसके चलते एक बार फिर अधिकतम तापमान बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री का उतार चढ़ाव पिछले 3 दिनों से बना हुआ है। अब तक गर्मी से राहत नहीं मिल पाई है। जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता दिखाई दे रहा है।

शिप्रा नदी का बदला हुआ है जलस्तर
शांत स्वभाव में दिखने वाली शिप्रा नदी शहर में बारिश नहीं होने के बावजूद बदले हुए स्वरूप में नजर आ रही है। इंदौर देवास और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जारी बारिश के चलते शिप्रा का जल स्तर लगातार बढ़ता और कम होता दिखाई दे रहा है। शिप्रा नदी के त्रिवेणी और गऊघाट स्टॉप डेम ओवरफ्लो हो चुके हैं। रामघाट और दत्त अखाड़ा पर बने मंदिर पानी में डूबे नजर आ रहे हैं। बिना बारिश के शिप्रा नदी का स्वरूप सातवीं बार बदला हुआ नजर आया है। लेकिन अब तक शिप्रा बड़े पुल को पार नहीं कर सकती है।

नव भारत न्यूज

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