
सिंगरौली। जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानने आज गुरुवार को कलेक्टर अंकित अस्थाना अचानक जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर पहुंच गए।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सफाई व्यवस्था ने उन्हें खासा नाराज किया। परिसर से लेकर वार्डों और सार्वजनिक स्थलों तक स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कलेक्टर ने सात दिन के भीतर सफाई व्यवस्था में सुधार कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की दो टूक हिदायत दी। वहीं दीपावली पर आग और पटाखों से झुलसने वाले मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए बर्न यूनिट को तीन पालियों में चौबीसों घंटे संचालित रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सीएसआर मद से निर्माणाधीन ब्लड बैंक की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों का पालन कराते हुए निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरा कराने को कहा। अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस चौकी स्थापित कराने का आश्वासन भी दिया। निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. पुष्पराज सिंह, सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि एवं डीपीएम सुधांशु मिश्रा मौजूद रहे।
दीपावली पर बर्न यूनिट पर व्यवस्था दुरूस्त रहे
दीपावली के मद्देनजर कलेक्टर ने बर्न यूनिट की व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए सीएमएचओ डॉ. पुष्पराज सिंह को तीन पालियों में चिकित्सकीय एवं आवश्यक सेवाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रखने के निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान पटाखों अथवा आग से झुलसने की घटनाओं में मरीजों को उपचार के लिए इंतजार न करना पड़े। अस्पताल परिसर की अव्यवस्थित पार्किंग पर भी कलेक्टर ने ध्यान दिया। ट्रामा सेंटर की पार्किंग में खड़ी निजी एम्बुलेंस को हटाने और यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देशित किया। उन्होंने जन औषधि केंद्र में सभी जरूरी दवाओं का पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही चिकित्सकों को मरीजों के पर्चे में जन औषधि केंद्र से उपलब्ध दवाएं लिखने के निर्देश दिए, ताकि जरूरतमंदों को सस्ती दरों पर दवाएं मिल सकें।
सेडमैप सुपरवाइजर को नोटिस जारी करने के निर्देश
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान ओपीडी, सर्जिकल वार्ड, जनरल वार्ड, डायलिसिस यूनिट और बर्न यूनिट का जायजा लिया। मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति देखी। इस दौरान अस्पताल परिसर एवं वार्डों में सफाई की स्थिति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिली। इस पर उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि को सात दिवस के भीतर व्यवस्था सुधारने और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देशित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर स्वच्छता में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वॉशरूम सहित सभी सार्वजनिक स्थलों की दिन में दो बार नियमित सफाई कराने तथा आउटसोर्स के माध्यम से सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने को कहा। सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी में लापरवाही पाए जाने पर सेडमैप सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
