नई दिल्ली/वॉशिंगटन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग के तेजी से बढ़ते कारोबार के बीच माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने के लिए अमेरिकी बॉन्ड बाजार से 25 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि जुटाने जा रही है। 2017 के बाद पहली बार कंपनी द्वारा जारी इस इन्वेस्टमेंट-ग्रेड डेट ऑफरिंग को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिसाद मिला है और तय लक्ष्य से 4.6 गुना अधिक यानी 115 अरब डॉलर की बोलियां प्राप्त हुई हैं। मूडीज और S&P से सर्वोच्च AAA क्रेडिट रेटिंग प्राप्त माइक्रोसॉफ्ट यह फंड 10 अलग-अलग मैच्योरिटी किश्तों (2028 से 2066) में 4.85% से 6.35% तक की ब्याज दरों पर जुटा रही है।
वर्ष 2026 के लिए $175 अरब के कैपिटल खर्च का लक्ष्य, एज़्योर की बढ़ती मांग और डेटा सेंटर क्षमता विस्तार पर रहेगा जोर
माइक्रोसॉफ्ट की मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) एमी हूड के अनुसार, कंपनी की क्लाउड सेवा ‘एज़्योर’ (Azure) के रेवेन्यू में हालिया तिमाही में 48 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे सेवाओं की मांग उपलब्ध क्षमता से कहीं अधिक हो चुकी है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने वर्ष 2026 के लिए लगभग 175 अरब डॉलर के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) का खाका तैयार किया है। इस भारी निवेश का बड़ा हिस्सा नए डेटा सेंटरों के निर्माण, आधुनिक AI सर्वरों की खरीद और वैश्विक कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में लगाया जाएगा।
भारत और अमेरिका समेत चार देशों में 60 हजार कर्मचारियों को Buyout का विकल्प, 3,000 कर्मचारियों के स्वीकारने की उम्मीद
ऋण जुटाने की इस योजना से ठीक पहले माइक्रोसॉफ्ट ने भारत, अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में कार्यरत करीब 60,000 कर्मचारियों के लिए ‘वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम’ की घोषणा की थी। कंपनी की चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन के मुताबिक, कोपायलट, एक्सबॉक्स, विंडोज और फाइनेंस जैसी टीमों के लेवल 70 और उससे नीचे के योग्य कर्मचारियों को स्वैच्छिक पैकेज के साथ कंपनी छोड़ने का अवसर दिया गया है। कंपनी का अनुमान है कि 2.23 लाख कुल कर्मचारियों में से 3,000 या उससे कम कर्मचारी ही इस बायआउट ऑफर को स्वीकार करेंगे, जिससे कंपनी को पुनर्गठन में मदद मिलेगी।

