त्योहारों पर ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़, कई ट्रेनों में वेटिंग के बाद अब ‘नो रूम’ की स्थिति

इंदौर:त्योहारों का सीजन शुरू होते ही ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है. इंदौर से देश के अलग-अलग शहरों के लिए रवाना होने वाली प्रमुख ट्रेनों में सीटों की मांग इतनी बढ़ गई है कि कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है, जबकि कुछ ट्रेनों की श्रेणियों में नो रूम की स्थिति बन गई है. स्लीपर से लेकर थर्ड एसी, सेकंड एसी और फर्स्ट एसी तक यात्रियों को कंफर्म टिकट के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है. हालात यह हैं कि कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट भी लगातार लंबी होती जा रही है.

इंदौर से दौंड जाने वाली ट्रेन में थर्ड एसी में 22, सेकंड एसी में 11 और फर्स्ट एसी में 5 यात्रियों की वेटिंग है. वहीं अवंतिका एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास में 29, 3श्व में 7 और थर्ड एसी में 22 की वेटिंग चल रही है. इससे साफ है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में एसी और स्लीपर दोनों श्रेणियों में यात्रियों का दबाव बना हुआ है. उज्जैनी एक्सप्रेस की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। इस ट्रेन में 3श्व श्रेणी में नो रूम की स्थिति बन गई है, जबकि थर्ड एसी में 43 और सेकंड एसी में 15 की वेटिंग चल रही है.

यानी यात्रियों को इस ट्रेन में भी कंफर्म सीट मिलना आसान नहीं रह गया है. दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में भी यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है. इंदौर से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में स्लीपर क्लास में 105 यात्रियों की वेटिंग है, जबकि 3ई में नो रूम की स्थिति है और थर्ड एसी में 43 की वेटिंग चल रही है. इसी तरह इंदौर-नई दिल्ली इंटरसिटी सुपरफास्ट में थर्ड एसी में 64 यात्रियों की वेटिंग है। सेकंड एसी में भी नो रूम की स्थिति बनी हुई है, जबकि फर्स्ट एसी में 15 से अधिक यात्रियों की वेटिंग बताई जा रही है.

पहले से वेटिंग, त्योहारों ने बढ़ाया दबाव
रेलवे अधिकारी मुकेश कुमार के मुताबिक, इंदौर से चलने वाली कई ट्रेनों में पहले से ही वेटिंग की स्थिति बनी हुई थी. त्योहारों के कारण यात्रियों की संख्या और बढ़ने से सीटों की उपलब्धता पर अतिरिक्त दबाव आया है. यही वजह है कि कई ट्रेनों में वेटिंग लंबी होने के साथ कुछ श्रेणियों में नो रूम की स्थिति भी देखने को मिल रही है. अधिकारियों के अनुसार, दूसरे स्टेशनों पर भी इसी तरह की स्थिति सामने आ रही है.

यात्रियों के सामने कंफर्म टिकट की चुनौती
त्योहारों पर घर जाने और छुट्टियां मनाने के लिए बड़ी संख्या में यात्री रेलवे का सहारा लेते हैं. इंदौर से दिल्ली, दौंड और अन्य प्रमुख शहरों के लिए जाने वाली ट्रेनों में बढ़ती वेटिंग इसी दबाव को दर्शा रही है. मौजूदा स्थिति में यात्रियों को यात्रा की योजना पहले से बनानी पड़ रही है, क्योंकि अंतिम समय में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो सकता है. कुल मिलाकर त्योहारों के दौरान इंदौर से चलने वाली ट्रेनों में सीटों की मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है. कई ट्रेनों में वेटिंग का आंकड़ा बढ़ रहा है, तो कुछ श्रेणियों में नो रूम के कारण टिकट बुकिंग का विकल्प भी सीमित हो गया है. जब किसी ट्रेन में वेटिंग लिस्ट की सीमा पूरी तरह भर जाती है, तो भारतीय रेलवे का आरक्षण सिस्टम उस क्लास या ट्रेन में टिकट बुकिंग पूरी तरह बंद कर देता है और नो रूम या रिग्रेट लिखा आने लगता है. नो रूम का मतलब है कि अब आप उस ट्रेन में सामान्य या वेटिंग लिस्ट का टिकट भी बुक नहीं कर सकते.

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