इंदौर: शहर के ऐतिहासिक राजवाड़ा सहित अन्य बाजारों में इस दीपावली पर लोगों की भीड़ और चहल-पहल तो दिखाई दे रही है, लेकिन खरीदारों की जेब का बजट सीमित होने से व्यापारी मंदी और बिक्री में आई गिरावट को लेकर चिंतित हैं. सोशल मीडिया रील्स और स्थानीय अपडेट्स में राजवाड़ा पर लोगों की भीड़ और रोशनी तो नजर आ रही है, पर दुकानदारों का कहना है कि घूमने वाले लोगों की तुलना में वास्तविक खरीददार कम हैं.देश के त्योहारी कारोबार की दृष्टि से महत्वपूर्ण पर्व दीपावली पर राजवाड़ा बाजार में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती थी और दुकानदारों को ग्राहकों से फुर्सत नहीं मिलती थी.
लेकिन, इस बार व्यापारी चिंतित नजर आ रहे हैं. स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन मिलने वाली भारी छूट के कारण पारंपरिक बाजारों के कारोबार पर करीब 45 प्रतिशत तक असर पड़ा है. वहीं, आम परिवारों की आय का बड़ा हिस्सा राशन, ईंधन, बच्चों की स्कूल फीस और कर्ज की ईएमआई में जा रहा है, जिससे त्योहारी बजट सिकुड़ गया है. इस बार सामान्य दिनों की तुलना में ही नहीं, बल्कि दीपावली के पिछले वर्षों के मुकाबले भी ग्राहकों की आवाजाही कम महसूस हो रही है. दीपावली जैसे मौके पर भी ग्राहक खर्च करने से पहले कई बार सोच रहे हैं. इससे छोटे व्यापारी परेशान हैं.
यह बोले व्यापारी…
आठ सालों से बाजार में मंदी चल रही है, लेकिन पिछले साल दीपावली पर हुई इतनी बड़ी गिरावट मैंने जीवन में कभी नहीं देखी. इस बार भी व्यापार 70 प्रतिशत घटा है.
– सलीम खान, गारमेंट्स व्यापारी
देश में चल रही मंदी की मार त्योहार पर भी पड़ी है. दीपावली जैसे बड़े त्यौहार पर भी किराना व्यापार में बड़ी गिरावट आई है. लोग शादी के कपड़े दिवाली पर पहन रहे हैं.
– सुभाष परमार, किराना व्यापारी
दिवाली पर जैसी होनी चाहिए, वैसी ग्राहकी नहीं है. आय और जरूरी खर्च में बढ़ रहे अंतर से लोगों के पास पैसा नहीं बच रहा. महंगाई की मार तो है ही.
– अमित खन्ना, फल व्यापारी
