नई दिल्ली, टेक जगत की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए एक नया ‘वॉलांटरी एग्जिट ऑफर’ (VEO) यानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम शुरू किया है। इस वैश्विक योजना के दायरे में भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के लगभग 60,000 कर्मचारी आ सकते हैं, जिनमें अकेले भारत में माइक्रोसॉफ्ट का 23,000 से अधिक कर्मचारियों का बड़ा वर्कफोर्स शामिल है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि भारत में इस योजना को चुनने वाले योग्य कर्मचारियों के पास 1 दिसंबर 2026 तक का समय होगा, जिन्हें स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने पर विशेष सेवरेंस पैकेज और स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाएगा।
लेवल 70 और उससे नीचे के पदों पर लागू होगी योजना, चीफ पीपल ऑफिसर ने री-स्ट्रक्चरिंग और नए अवसरों की तलाश बताई वजह
माइक्रोसॉफ्ट की चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन द्वारा जारी ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, यह सीमित समय का कार्यक्रम लेवल 70 और उसके नीचे के विभिन्न स्तर के कर्मचारियों के लिए है। कंपनी का उद्देश्य उन कर्मचारियों को सहायता प्रदान करना है जो अपनी मर्जी से माइक्रोसॉफ्ट से बाहर नए करियर अवसरों की तलाश करना चाहते हैं। इस रणनीतिक कदम के जरिए माइक्रोसॉफ्ट को अपनी व्यावसायिक प्राथमिकताओं के अनुसार आंतरिक टीमों को पुनर्गठित (री-स्ट्रक्चर) करने में मदद मिलेगी।
भारत में क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर जारी रहेगा निवेश, 2030 तक 2 करोड़ लोगों को एआई स्किल्स सिखाने का लक्ष्य
इस बड़े आंतरिक बदलाव के बीच माइक्रोसॉफ्ट ने स्पष्ट किया है कि भारत के तकनीकी इकोसिस्टम और टैलेंट के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पूरी तरह मजबूत बनी हुई है। कंपनी वर्ष 2025 से 2029 के दौरान भारत के क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में 20.5 अरब डॉलर के भारी-भरकम निवेश की अपनी योजना पर पूरी गति से आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही, माइक्रोसॉफ्ट वर्ष 2030 तक देश के 2 करोड़ नागरिकों को उन्नत एआई कौशल (AI Skills) में प्रशिक्षित करने के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य पर भी निरंतर काम कर रही है।

