टोक्यो, 23 अक्टूबर (वार्ता) उत्तेजक और यथार्थवादी कृतियों के लिए दुनिया भर में मशहूर अकुतागावा पुरस्कार विजेता जापानी लेखक रयू मुराकामी का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है।
उनके प्रकाशक ‘गेंतोशा’ ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को आधिकारिक रूप से यह दुखद सूचना सार्वजनिक की।
प्रकाशक के अनुसार, श्री मुराकामी का निधन 17 अक्टूबर को अपने घर पर ही हो गया था। उनका अंतिम संस्कार परिवार की मौजूदगी में एक निजी समारोह में संपन्न हुआ, जिसके बाद 23 अक्टूबर को उनके निधन की खबर साझा की गई।
वर्ष 1952 में नागासाकी प्रांत के सासेबो में जन्मे मुराकामी को युद्ध, यौन संबंधों, हिंसा और युवा संस्कृति की कड़वी सच्चाइयों को बेबाकी से उकेरने के लिए जाना जाता है।
मुसाशिनो आर्ट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान 1976 में उन्होंने अपना प्रसिद्ध पहला उपन्यास ‘कागिरिनाकु तोमेई नी चिकाई ब्लू’ (‘ऑलमोस्ट ट्रांसपेरेंट ब्लू’) लिखा था। अमरीकी सैन्य अड्डे के पास रह रहे युवाओं के भटकाव, नशीली दवाओं और पतनशील जीवन पर आधारित इस उपन्यास ने पूरे देश का ध्यान खींचा था।
मात्र 24 वर्ष की उम्र में लिखे गए इस उपन्यास के लिए उन्हें नए लेखकों के ‘गुंजो पुरस्कार’ और जापान के प्रतिष्ठित ‘अकुतागावा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था। इस पुस्तक की लगभग 35 लाख प्रतियां बिकीं।
उनकी अन्य चर्चित कृतियों में 1980 का उपन्यास ‘कॉइन लॉकर बेबीज’ और 1997 का ‘इन द मिसो सूप’ शामिल हैं।
श्री गेंतोशा ने अपने शोक संदेश में कहा कि श्री मुराकामी ने जीवनभर युवा पीढ़ी के लिए चौंकाने वाली रचनाएं प्रस्तुत कीं और अपने युग के अग्रदूत के रूप में पहचान बनाई।
उल्लेखनीय है कि नाम की समानता के कारण अक्सर उनकी तुलना प्रसिद्ध जापानी लेखक हारुकी मुराकामी से की जाती थी, हालांकि दोनों के बीच कोई पारिवारिक संबंध नहीं था। हारुकी मुराकामी की रचनाएं जहां शांत और काल्पनिक शैली के लिए जानी जाती हैं, वहीं रयू मुराकामी की कृतियां कड़वे यथार्थ और तीखे तेवरों से भरी होती थीं।
