श्री आशुतोष गौतम ने आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए), भारत सरकार के अधीन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम एनबीसीसी(इंडिया) लिमिटेड के निदेशक (परियोजनाएँ) का पदभार ग्रहण किया है।
उन्हें राजमार्गों, बंदरगाहों, अंतर्देशीय जल परिवहन, लॉजिस्टिक्स एवं शहरी विकास सहित अवसंरचना के विभिन्न क्षेत्रों में 34 वर्षों से अधिक का व्यापक एवं बहुआयामी अनुभव प्राप्त है। अपने विभिन्न पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं के प्रबंधन एवं प्रशासन की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
श्री आशुतोष गौतम ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में प्रौद्योगिकी स्नातक (B.Tech.) तथा मृदा यांत्रिकी एवं आधारभूत संरचना अभियांत्रिकी में प्रौद्योगिकी स्नातकोत्तर (M.Tech.) की उपाधि प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान (ISB), हैदराबाद से अवसंरचना विकास एवं वित्तपोषण में उन्नत प्रबंधन कार्यक्रम, औद्योगिक संबंध एवं कार्मिक प्रबंधन में प्रबंधन स्नातकोत्तर डिप्लोमा तथा विधि स्नातक (LL.B.) की उपाधि भी प्राप्त की है।
RVNL में आने से पूर्व, वे फरवरी 2021 से मई 2026 तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) से प्रतिनियुक्ति पर भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI), पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW), भारत सरकार में सदस्य (तकनीकी)-सह-उप परियोजना निदेशक, जल मार्ग विकास परियोजना (JMVP) के पद पर कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने IWAI में सदस्य (यातायात एवं लॉजिस्टिक्स) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। अपने कार्यकाल के दौरान लगभग एक वर्ष तक उन्होंने सदस्य (वित्त) का अतिरिक्त प्रभार भी निभाया।
श्री गौतम ने NHAI के राज्य प्रमुख-सह-मुख्य महाप्रबंधक एवं क्षेत्रीय अधिकारी के रूप में पश्चिम बंगाल में वर्ष 2014 से 2017 तक तथा गुजरात में वर्ष 2017 से 2021 तक सेवाएँ प्रदान कीं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य किया तथा वाराणसी मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क लिमिटेड और ओडिशा सरकार की IWCOL के निदेशक मंडल में भी अपनी सेवाएँ दीं।
उन्होंने NHAI में महाप्रबंधक (वाणिज्यिक संचालन एवं लॉजिस्टिक्स) के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में कानपुर एवं लखनऊ में तैनात रहते हुए उन्होंने लगभग 12 वर्षों तक विश्व बैंक की सड़क परियोजनाओं तथा स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) और उत्तर-दक्षिण एवं पूर्व-पश्चिम गलियारा (NSEW) परियोजनाओं के अंतर्गत परियोजना निदेशक के रूप में कार्य किया। इस दौरान वे उत्तर प्रदेश में विश्व बैंक की सड़क परियोजनाओं के नोडल अधिकारी भी रहे।
श्री गौतम विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs), भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIMs), लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी (IAHE) तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) में बड़े राजमार्ग अनुबंधों के प्रशासन एवं FIDIC अनुबंधों जैसे विषयों पर मानद अतिथि संकाय सदस्य के रूप में भी योगदान देते रहे हैं।
वे SGOS-2 में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण/पत्तन, पोतपरिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय का प्रतिनिधित्व करते हुए विज़न 2047 तैयार करने वाली टीम का हिस्सा भी रहे हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारतसरकार के पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अंतर्गतअंतर्देशीय पोत अधिनियम एवं नियमों के विकास हेतु सदस्य सचिव केरूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
