सिंगरौली: मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और अपात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के मामलों को लेकर जिला पंचायत ने सख्त कार्रवाई की है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संघ प्रिय (आईएएस) ने अलग-अलग प्रकरणों में दो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, एक ग्राम रोजगार सहायक को जनपद पंचायत बैढ़न से संबद्ध करने के साथ ग्राम पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा, कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सरकारी सहायता राशि स्वीकृत कराने और अवैध वसूली के मामले में एक कथित दलाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
रिश्वत मांगने और अपात्रों को लाभ पहुंचाने का मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत बैढ़न में पदस्थ सहायक वर्ग-3 एवं संबल शाखा प्रभारी राजेश पाण्डेय पर दो लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि जारी करने के बदले हितग्राही से 40 हजार रुपये रिश्वत मांगने और पांच हजार रुपये अवैध रूप से लेने का आरोप है। इस मामले में उन्हें निलंबित कर दिया गया है। वहीं, जनपद पंचायत चितरंगी के पंचायत समन्वयक अधिकारी रमई कोल पर श्रीमती ज्ञानमती देवी की आत्महत्या और चेतमणि हलवाई की दुर्घटना से जुड़े दो अपात्र प्रकरणों को कथित तौर पर स्वीकृति योग्य बनाने का आरोप है। इस मामले में भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच, सचिव से मांगा जवाब
ग्राम पंचायत चौरा के ग्राम रोजगार सहायक कैलाश प्रसाद शाह की संदिग्ध भूमिका और राशि के लेनदेन से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग की निष्पक्ष जांच के लिए उन्हें 50 प्रतिशत मानदेय की शर्त पर जनपद पंचायत बैढ़न संबद्ध किया गया है। इसी पंचायत के सचिव अनिल कुमार शाह को बिना भौतिक सत्यापन अपात्र प्रकरण की अनुशंसा करने और संदिग्ध तथ्यों को छिपाने के आरोप में 27 अक्टूबर 2026 तक लिखित जवाब प्रस्तुत करने का नोटिस दिया गया है।
दलाल पर एफआईआर के निर्देश
चितरंगी के ग्राम खटाई निवासी गुलाब जायसवाल पर कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अपात्र हितग्राही को दो लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कराने और उसमें से एक लाख रुपये की अवैध वसूली करने का आरोप है। सीईओ ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं में भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग पर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
