भोपाल: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा भोपाल में राज्य स्तरीय ‘साथिया समागम’ का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य, कल्याण और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना तथा ‘साथिया’ यानी पीयर एजुकेटर्स की भूमिका को अधिक सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश की मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने की। इस अवसर पर भारत सरकार की उप आयुक्त डॉ. जोया रिजवी ने वर्चुअल माध्यम से विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की।
साथ ही, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के संयुक्त संचालक डॉ. शरद तिवारी, यूएनएफपीए के राज्य प्रमुख डॉ. दीपेश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों और विकास सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समागम के दौरान ‘सक्षम साथिया सशक्त समुदाय’ यानी ‘एस-फोर’ (S-4) नवाचार की अवधारणा, उसकी प्रगति और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। इस पहल से जुड़े एक विशेष वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे भारत सरकार के अधिकारियों ने बेहद सराहा। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों और मैदानी स्तर के कार्यकर्ताओं को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
‘चैंपियंस की आवाज’ सत्र इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण रहा, जिसमें साथियों और मैदानी कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। इस सत्र में जमीनी स्तर पर किशोर-किशोरियों के साथ संवाद स्थापित करने और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के उनके प्रयासों पर चर्चा हुई।
इसके अलावा, ‘RKSK एवं साथिया कार्यक्रम को सुदृढ़ करने हेतु बहुक्षेत्रीय सहभागिता: आगे की राह’ विषय पर एक विशेष पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। इसमें स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और विकास सहयोगी संस्थाओं के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने किशोर-किशोरियों के समग्र विकास के लिए अंतर-विभागीय तालमेल और सामुदायिक सहभागिता को अत्यंत आवश्यक बताया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश किशोर-किशोरियों के उज्जवल भविष्य और सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए एक स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
