रीवा: वित्तीय वर्ष समाप्त होने के नजदीक आने के पहले नगर निगम बकायादारों के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर रहा है. सम्पत्तिकर के बड़े बकायादारों के खिलाफ कुर्की की कार्यवाही शुरू की गई है और 4.4 लाख की वसूली की गई है.
100 करोड़ राजस्व लक्ष्य वसूलने के लिये ताबड़तोड़ कार्यवाही चल रही है. लगभग साढ़े 12 करोड़ अभी तक वसूली हुई है और 88 करोड़ बकायादार दबा कर बैठे है. बार-बार सूचना दिए जाने एवं अंतिम सूचना पत्र जारी होने के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं करने वाले करदाताओं पर अब नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है. इसी क्रम में गुरुवार को जोन क्रमांक 03 में पुलिस बल के साथ अधिहरण/कुर्की के लिए राजस्व टीम के पहुंचते ही बकायादारों ने मौके पर ही बकाया राशि नगर निगम कोष में जमा करा दी. कार्रवाई के दौरान वार्ड क्रमांक 24 में बृजेश सिंह, पुष्पा सोनी, किरण सिंह एवं इन्द्री देवी द्वारा कुल 4,04,871 रुपये की बकाया राशि नगर निगम कोष में जमा कराई गई. नगर निगम द्वारा बताया गया कि संबंधित करदाताओं को बकाया संपत्तिकर जमा करने के लिए समय-समय पर सूचना दी गई थी. निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी भुगतान नहीं किए जाने के कारण नियमानुसार अधिहरण/कुर्की की कार्रवाई की जा रही है. बकायादारों को नगर पालिक अधिनियम 1956 की धारा 173 एवं धारा 174 के अन्तर्गत नोटिस जारी कर 15 दिन एवं एक माह का समय दिया जाता है. कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी दीपक सिंह तोमर, सहायक राजस्व अधिकारी नीलेश चतुर्वेदी, राजस्व निरीक्षक रवि प्रकाश मिश्रा, अतिक्रमण प्रभारी राजेश चतुर्वेदी उपस्थित रहे.
नोटिस देकर दिया जाता है अवसर: सहायक आयुक्त
सहायक आयुक्त रामनरेश तिवारी ने बताया कि इस वर्ष 100 करोड़ सम्पत्तिकर वसूली का लक्ष्य था. जिसमें लगभग साढ़े 12 करोड़ की वसूली अभी तक हो चुकी है. निगम आयुक्त अक्षत जैन के निर्देशानुसार राजस्व टीम वसूली में लगी हुई है. 88 करोड़ बकायादारों पर बकाया है, दो नोटिस देने के बाद कुर्की की कार्यवाही की जा रही है. कई बड़े बकायादारों को अंतिम नोटिस जारी की जा चुकी है. श्री तिवारी ने बताया कि बकाया सम्पत्तिकर जमा कर कार्यवाही से बचा जा सकता है. उन्होने बकायादारों से अपील की है कि समय पर सम्पत्तिकर जमा करे. अगर किसी तरह की विसंगति है तो पहली नोटिस जारी होने के साथ ही नगर निगम में सम्पर्क करना चाहिए.
