नई दिल्ली। दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी छात्रों के मुताबिक, कई छात्र पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्र विश्वविद्यालय में चुनाव प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार, जामिया में आखिरी बार 2006 में छात्र संघ चुनाव हुए थे।
चुनाव बहाली को लेकर छात्र मुखर
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि करीब दो दशक से छात्र संघ चुनाव नहीं होने के कारण उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं मिल रहा है। छात्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर की ओर से चुनाव कराने की संभावना को लेकर आश्वासन दिया गया है, लेकिन अब तक चुनाव की तारीख या प्रक्रिया को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
प्रशासन की चेतावनी से बढ़ा तनाव
छात्रों का दावा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शन समाप्त करने के लिए समयसीमा तय की है। निर्धारित समय में आंदोलन खत्म नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने की बात भी छात्रों ने कही है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने आना जरूरी है।
कुलपति के पोस्टर पर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के गेट पर कुलपति की तस्वीर वाला पोस्टर लगाया गया, जिस पर ‘Shame’ लिखा था। छात्रों ने इस माध्यम से प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। वहीं, आंदोलन के मद्देनजर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने और मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाए जाने की बात भी सामने आई है।
चुनाव की घोषणा का इंतजार
फिलहाल, छात्र संघ चुनाव की बहाली आंदोलन का मुख्य मुद्दा बना हुआ है। छात्र चुनाव कराने की मांग पर अड़े हैं। अब यह देखना अहम होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर क्या निर्णय लेता है और चुनाव को लेकर कोई औपचारिक घोषणा कब होती है।
