सफल फूड्स बोरगांव: श्रम विभाग के हस्तक्षेप से श्रमिकों को मिला 4.26 लाख रुपये का एरियर

​सौंसर, कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ के सख्त निर्देशों के बाद श्रम विभाग ने बोरगांव स्थित सफल फूड्स में कार्यरत श्रमिकों को उनका वाजिब हक दिलाने में बड़ी सफलता हासिल की है। न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किए जाने के मामले में विभाग के हस्तक्षेप के बाद शेष दो ठेकेदारों के माध्यम से श्रमिकों को एक वर्ष की वेतन अंतर राशि के रूप में कुल 4 लाख 26 हजार 256 रुपये का एरियर भुगतान कराया गया है।

 *​निरीक्षण में उजागर हुई थी अनियमितता-* 

श्रम विभाग द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई थी कि सफल फूड्स में कार्यरत श्रमिकों को शासन द्वारा तय न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में दो ठेकेदारों से श्रमिकों के बकाया वेतन का भुगतान कराया जा चुका था। इसके बाद शेष बचे दो अन्य ठेकेदारों पर भी दबाव बनाते हुए विभाग ने 4,26,256 रुपये की एरियर राशि का भुगतान सीधे श्रमिकों को सुनिश्चित कराया।

 *​ठेकेदारों को दिए गए थे सख्त निर्देश-* 

जांच के दौरान प्रमुख नियोजक ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से ठेकेदारों को श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन से अधिक राशि दी जा रही थी, लेकिन ठेकेदार स्तर पर कटौती की जा रही थी। इस पर संज्ञान लेते हुए श्रम निरीक्षक सुश्री सरिता साहू ने दोनों ठेकेदारों को तत्काल प्रभाव से शासन के नियमानुसार भुगतान करने और पिछले एक वर्ष की बकाया अंतर राशि चुकाने के कड़े निर्देश दिए थे।

 *​श्रम कानूनों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई-* 

कलेक्टर के निर्देश पर जिले भर में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए निरंतर जांच अभियान चलाया जा रहा है। सफल फूड्स में की गई यह कार्रवाई इसी कड़ी का हिस्सा है। श्रम विभाग ने सभी नियोजकों और ठेकेदारों को दो-टूक चेतावनी दी है कि श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम वेतन व अन्य वैधानिक सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिए; किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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