
बागली/पिपरी। पांच दिवसीय पंचकोशी यात्रा पिपरी से ध्वजा पूजन के साथ आरंभ हुई उक्त यात्रा के पांच अलग-अलग पड़ाव रहेंगे इसमें प्रथम पड़ाव गुरुवार को देवास जिले की सीमा रेखा खारी नदी को पार करते हुए खंडवा जिले के जयंती माता मंदिर परिसर में रहेगा यात्रा से जुड़े वरिष्ठ श्रद्धालु महेश अचांले ने नवभारत संवाददाता सुनील योगी को बताया कि इस वर्ष वन विभाग अधिकारियों एवं बागली विधायक मुरली भंवरा के प्रयासों से वर्ष बहने वाली खारी नदी पर लकड़ी फूल बन जाने से सभी श्रद्धालुओं को बहुत सुविधा रही यात्रा में शामिल लगभग 1500 श्रद्धालुओं में महिलाओं की भी सम्मानजनक उपस्थित है। यह यात्रा 26 अक्टूबर को धराजी स्थान से नर्मदा नदी पार करते हुए पिपरी में ही पूर्ण होगी इस दौरान अलग-अलग रात्रि विश्राम के साथ-साथ रास्ते में आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में भी यात्रा का स्वागत एवं विश्राम की व्यवस्था की गई है।
यह यात्रा विगत 37 वर्षों से लगातार जारी है यात्रा का उद्देश्य संपूर्ण क्षेत्र में शांति बनी रहे फसले अच्छी हो और सभी रहवासी स्वस्थ रहे परम उद्देश्य को लेकर यात्रा की शुरुआत की गई थी ।जो आज तक जारी है कुछ श्रद्धालु ऐसे भी है जिन्होंने आरंभ की यात्रा से वर्तमान यात्रा तक का सफर तय किया है। लगभग 115 किलोमीटर पैदल चलने वाली यह यात्रा समाज के विभिन्न परिवार एवं समुदाय से मिलकर संपन्न होती है। पिपरी में शुरुआती यात्रा का जोरदार स्वागत किया गया पिंपरी से जुड़े सेवा भावी साथी गिरधर गुप्ता द्वारा मनकामेश्वर मंदिर पर यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था जुटाई जयंती माता मंदिर से अगले दिन यह यात्रा अगले मुकाम की ओर आगे बढ़ेगी रात्रि विश्राम के दौरान सामूहिक भोजन के साथ-साथ ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई । खारी नदी पार करते समय उदय नगर पुलिस की व्यवस्था सुरक्षा की दृष्टि से दिखाई दी सभी यात्री सुरक्षित निकालने के बाद ही पुलिस व्यवस्था हटाई गई।
