
ग्वालियर। डबरा कृषि उपज मंडी में किसानों की समस्याओं और धान के भाव को लेकर किसान नेता भूरा रावत ने डबरा प्रशासन के अधिकारियों से विशेष ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने डबरा एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि आगामी तीन महीने तक मंडी की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जाए, ताकि किसानों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो और उन्हें अपनी उपज बेचने के दौरान परेशानियों का सामना न करना पड़े।
भूरा रावत ने कहा कि धान की फसल बेचने का समय किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। किसान पूरे साल मेहनत करके फसल तैयार करता है और जब उसे मंडी में अपनी उपज बेचने का मौका मिलता है, तो उसे उचित भाव और निष्पक्ष व्यवस्था मिलनी चाहिए। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि मंडी में किसानों की समस्याओं को सुना जाए और उनका समय पर समाधान किया जाए।
*किसान को कम भाव पर धान बेचने के लिए मजबूर करने के आरोप की जांच हो*
भूरा रावत ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले छत्तीसों धान से संबंधित एक मामले में किसान पर लगभग 3,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से तौलाने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई। उन्होंने मांग की कि इस मामले की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए और यदि किसान के साथ किसी प्रकार की जबरदस्ती या अनुचित व्यवहार हुआ है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष माहौल मिलना चाहिए। किसी भी किसान को दबाव में आकर अपनी फसल बेचने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
*एसडीएम और तहसीलदार से विशेष निगरानी की मांग*
रावत ने डबरा एसडीएम, तहसीलदार और मंडी प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि अगले तीन महीने तक मंडी की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए। अधिकारियों को स्वयं मंडी पहुंचकर किसानों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी समस्याओं को समझकर मौके पर समाधान कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मंडी में धान की तुलाई, प्रवेश पर्ची, खरीद प्रक्रिया और किसानों को मिलने वाले भाव की निष्पक्षता पर विशेष ध्यान दिया जाए। यदि कहीं अनियमितता या किसानों के साथ अन्याय की शिकायत मिलती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
*किसानों के साथ अन्याय और अत्याचार नहीं होना चाहिए*
रावत ने कहा, “मैं डबरा के सभी प्रशासनिक अधिकारियों, एसडीएम और तहसीलदार से निवेदन करता हूं कि अगले तीन महीने मंडी पर अपनी विशेष नजर रखें। मंडी में किसानों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और न ही किसी किसान को परेशान किया जाना चाहिए। किसान अपनी मेहनत की फसल लेकर मंडी आता है, इसलिए उसे उचित व्यवस्था और सम्मान मिलना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता से ही मंडी में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसानों को राहत मिल सकेगी।
अब देखना यह है कि डबरा प्रशासन किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मंडी की व्यवस्थाओं पर कितनी गंभीरता से निगरानी करता है और किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।
