नई दिल्ली, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच संबंधों के सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा की गई तथा अगस्त 2024 में स्थापित रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल रहे, जबकि प्रधानमंत्री टस्क के साथ उनके वित्त व अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की और एक उच्च-स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा।
द्विपक्षीय व्यापार को 10 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य, रक्षा, आईटी और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री टस्क की इस तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों, नवीकरणीय ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग को गहराई प्रदान करना है। दोनों देशों का लक्ष्य वर्तमान 6 अरब अमेरिकी डॉलर के वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर जल्द ही 10 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी टस्क से मुलाकात कर कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। टस्क अपनी यात्रा के अगले चरण में बेंगलुरु का दौरा करेंगे, जहां वे भारत के सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष उद्योग के दिग्गज उद्योगपतियों व नीति निर्माताओं से मुलाकात करेंगे।
वर्ष 2010 के बाद किसी पोलिश प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा, राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
गौरतलब है कि वर्ष 2010 के बाद पोलैंड के किसी प्रधानमंत्री की यह पहली भारत यात्रा है, जो दोनों देशों के कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों के लिहाज से ऐतिहासिक मानी जा रही है। दिन की शुरुआत में पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी के निमंत्रण पर आयोजित इस शिखर वार्ता से न केवल भारत और पोलैंड के आपसी संबंध नए आयाम छुएंगे, बल्कि यह रणनीतिक जुड़ाव भारत और यूरोपीय संघ (EU) के समग्र व्यापारिक व सुरक्षा संबंधों को भी मजबूत आधार प्रदान करेगा।

