मक्का में दो नागरिकों को मृत्युदंड दिए जाने पर बंगलादेश ने सऊदी अरब से स्पष्टीकरण मांगा

ढाका, 21 अक्टूबर (वार्ता) बंगलादेश ने मक्का में अपने दो नागरिकों को फांसी दिए जाने के मामले में सऊदी अरब से स्पष्टीकरण मांगा है। विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने इस घटना को ‘बेहद निराशाजनक’ बताते हुए दोनों देशों के बीच संवाद में कमी की आशंका जताई है।

विदेश मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत में श्री कबीर ने कहा कि बंगलादेश सऊदी अरब को एक ‘मित्र’ देश मानता है और उसे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि इस मामले में प्रक्रिया के दौरान चूक हुई प्रतीत होती है।

बंगलादेश ने कहा कि वह फांसी के मामले में सऊदी अधिकारियों के जवाब का इंतजार कर रहा है। बंगलादेश के अनुसार, दोनों नागरिकों को फांसी दिए जाने से पहले प्रचलित प्रक्रिया के तहत उनके देश को इसकी सूचना नहीं दी गई थी। विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने कहा कि बंगलादेश मामले का पूरा ब्योरा जानने के लिए अदालत के फैसले की प्रति मिलने का भी इंतजार कर रहा है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, “कृपया सऊदी अधिकारियों से फैसले की प्रति मिलने तक इंतजार करें।”

बंगलादेश ने इस मामले को वहां के सऊदी राजदूत डॉ. अब्दुल्ला जफर बिन अबियाह के समक्ष उठाया है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यूएनबी को बताया कि विदेश मंत्रालय में पूर्व और पश्चिम मामलों के सचिव डॉ. एमडी नजरुल इस्लाम ने राजदूत के साथ बैठक के दौरान फांसी के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी।

राजदूत को तलब किए जाने के सवाल पर एक अन्य अधिकारी ने कहा, “नहीं, उन्हें तलब नहीं किया गया था।”

स्पष्टीकरण मांगने के बावजूद बंगलादेश ने विश्वास जताया कि इस घटना से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध प्रभावित नहीं होंगे। बातचीत में मेजबान देश के कानूनों के प्रति ‘सजग’ रहने के महत्व पर भी चर्चा हुई।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब बंगलादेश सऊदी अरब के साथ संबंध और प्रगाढ़ करने की कोशिश कर रहा है। उसने सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच सुरक्षा गठबंधन मक्का समझौते में शामिल होने की इच्छा भी जताई है। सऊदी अरब में करीब 35 लाख बंगलादेशी कामगार रहते हैं, जिनकी ओर से भेजी जाने वाली धनराशि बंगलादेश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में यह मामला विशेष रूप से संवेदनशील है।

सऊदी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, नजरुल इस्लाम अब्दुल बशीर और स्वीटी अख्तर नामक दोनों बंगलादेशी नागरिकों को मक्का की एक मस्जिद के भीतर ‘अनैतिक कृत्य’ करने का दोषी ठहराए जाने के बाद फांसी दी गई।

गल्फ न्यूज ने सऊदी गृह मंत्रालय के हवाले से बताया कि अदालत ने अपराध की गंभीरता, मस्जिद की पवित्रता के कथित उल्लंघन और घटना की परिस्थितियों को देखते हुए सजा सुनाई थी।

Next Post

ऑस्ट्रेलियाई सांसद हेलेन हेन्स की कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनके पैर काटने पड़े

Thu Oct 22 , 2026
मेलबर्न, 21 अक्टूबर (वार्ता) ऑस्ट्रेलिया की निर्दलीय सांसद हेलेन हेन्स की कार की चपेट में आने के बाद इलाज के दौरान उनके दोनों पैर काटने पड़े। उनके पति फिल हेन्स ने इसकी पुष्टि की है। अधिकारियों को संदेह है कि यह हमला जानबूझकर किया गया था। श्री फिल हेन्स ने […]

You May Like