नयी दिल्ली, 21अक्टूबर (वार्ता) रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए करीब 770 करोड़ रुपये की लागत से बेहतर क्षमता वाले हल्के रडार खरीदने का करार किया है।
रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि इन रडार की मदद से लड़ाकू विमानों के आकार वाले हवाई लक्ष्यों के साथ छोटे और बेहद छोटे ड्रोन का भी पता लगाया जा सकेगा। इससे सेना को मानवरहित हवाई प्रणालियों से निपटने में मदद मिलेगी।
रक्षा मंत्रालय ने आज यहां भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ यह करार किया। इस दौरान रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह भी मौजूद थे।
इन रडार में हवाई लक्ष्यों की पहचान करने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पहचानने की क्षमता भी होगी। इससे सेना की हवाई सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
मंत्रालय के अनुसार, इस खरीद से रक्षा क्षेत्र में देश में ही उपकरण बनाने के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) सहित देश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग के विकास में मदद मिलेगी।
