मानसा, एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक विशेष टीम बुधवार को पंजाब के मानसा जिला पहुंच गई है। यह कदम तब उठाया गया है जब हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मानसा में मृतक झोटा के शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें निष्पक्ष और गहन सीबीआई जांच का पूरा भरोसा दिलाया था। पंजाब सरकार द्वारा परिवार की मांग स्वीकार किए जाने के बाद अब केंद्रीय एजेंसी ने इस सनसनीखेज मामले में औपचारिक तौर पर अपनी तफ्तीश तेज कर दी है, हालांकि अधिकारियों ने अभी जांच से जुड़ी कोई भी अंदरूनी जानकारी साझा करने से इनकार किया है।
मानसा पुलिस के डीएसपी ने की सीबीआई टीम के पहुंचने की पुष्टि, ड्रग्स बिक्री के खिलाफ लाइव वीडियो बनाने के दौरान हुई थी हत्या
मानसा पुलिस के डीएसपी पुष्पिंदर सिंह ने मीडिया से बातचीत में पुष्टि की है कि सीबीआई की टीम मानसा पहुंच चुकी है और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद यह पूरा हाई-प्रोफाइल मामला आधिकारिक रूप से केंद्रीय एजेंसी को सौंप दिया जाएगा। गौरतलब है कि इलाके में ड्रग्स की अवैध बिक्री के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की मानसा स्थित बठिंडा रोड पर एक मेडिकल स्टोर के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी मेडिकल स्टोर मालिक अश्विनी कुमार के साथ कथित ड्रग्स बिक्री को लेकर हुआ विवाद और फायरिंग की यह खौफनाक वारदात झोटा के लाइव फेसबुक सेशन के दौरान कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी, जिसने पूरे राज्य में भारी राजनीतिक भूचाल ला दिया था।
एंटी-ड्रग टास्क फोर्स बनाकर तस्करों पर नकेल कसते थे झोटा, परिवार और स्थानीय लोगों को अब न्याय मिलने की जगी प्रबल उम्मीद
मृतक परविंदर सिंह झोटा अपने क्षेत्र में नशा विरोधी अभियानों के लिए बेहद जाने जाते थे और उन्होंने एक ‘एंटी-ड्रग टास्क फोर्स’ का गठन कर खुद कई संदिग्ध तस्करों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। उनकी असामयिक और दर्दनाक मौत से उनकी पत्नी, बुजुर्ग माता-पिता और दो मासूम बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय नागरिकों और परिजनों का कहना है कि सीबीआई जांच शुरू होने से अब उन्हें उम्मीद बंध गई है कि इस हत्याकांड के पीछे छिपे असली साजिशकर्ताओं बेनकाब किया जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय मिलकर ही रहेगा।

