
बुरहानपुर। बड़े बालाजी महाराज के 15 दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत सोमवारए 19 अक्टूबर को नवें दिन बालाजी महाराज छोटे रथ पर मुख्य वाहन गरुड़ वाहन पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने के लिए निकलें। रथ यात्रा मंदिर से निकलकर गांधी चौक, फव्वारा चौक, किला रोड,अग्रसेन चौक,पाण्डुमल चौराहा से मंदिर लौटी। मुख्य पुजारी मोहन बालाजी वाले एवं बड़े बालाजी मंदिर संस्थान के आशीष भगत ने बताया कि महोत्सव के प्रत्येक दिन भगवान बालाजी महाराज विभिन्न वाहनों पर विराजमान होकर नगर के निर्धारित मार्गों से भक्तों को दर्शन देने के लिए निकल रहे हैं। इसी क्रम में नवें दिन श्री जी ने गरुड़ वाहन पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए।
बड़े बालाजी महाराज के 15 दिवसीय महोत्सव में दशहरे का दिन विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। दशहरे के पावन अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर मंगलवार को भगवान बड़े बालाजी महाराज अपने प्राचीन एवं बड़े रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे और शहर के निर्धारित प्रमुख मार्ग पांडुमल चौराहाए गांधी चौकएफव्वारा चौक से होते हुए शनि मंदिरए पांडूमल चौराहे से वापस मंदिर लौटेंगे। मुख्य पुजारी मोहन बालाजी वाले एवं बड़े बालाजी मंदिर संस्थान के आशीष भगत ने बताया कि भगवान बालाजी महाराज का यह बड़ा रथ लगभग 450 वर्ष पुराना है। दशहरे के अवसर पर वर्ष में केवल एक ही दिन भगवान बालाजी महाराज इस बड़े रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करते हैं। यह परंपरा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और आकर्षण का केंद्र है।
दशहरे पर शमी पूजन का विशेष महत्व:- दशहरे के अवसर पर शमी वृक्ष एवं उसके पत्तों का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
