
नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (वार्ता) कांग्रेस ने उत्तराखंड में सरकार और अपराधियों के बीच गठजोड़ के खिलाफ 27 और 28 अक्टूबर को राज्य में यात्रा निकालने का ऐलान किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस गठजोड़ की वजह से कानून व्यवस्था बिगड़ गयी है और भ्रष्टाचार चरम पर है।
कांग्रेस की उत्तराखंड की प्रभारी महासचिव कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और विधानसभा में विपक्ष के नेता यशपाल आर्य ने सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध के मुद्दों पर जनता की आवाज नहीं सुनी जा रही है और विधानसभा में जनहित के मुद्दों पर चर्चा का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने के लिए यात्रा निकालेगी और सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करेगी।
सुश्री सैलजा ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की पूरी जांच नहीं हुई है। जिस व्यक्ति का नाम इस मामले में सामने आया है उससे पूछताछ भी नहीं की गई। इस मामले में जिस वीआईपी का नाम आया है उस दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है जिसका जमकर विरोध हो रहा है इसलिए मामले के सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए।
श्री गोदियाल ने कहा कि राज्य सरकार में मंत्री रेखा आर्या पर उनके पति ने 210 करोड़ रुपये की कथित बेनामी संपत्ति और एक कंपनी में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के आरोप लगाया है। उनका कहना था कि यदि आरोप सही हैं तो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आयकर विभाग और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले में क्या कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस मामले में जवाब देने की मांग की।
श्री आर्य ने कहा कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति खराब है। उन्होंने कहा कि पांच हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाई स्कूल बंद हो चुके हैं तथा 12 हजार गांवों को ‘घोस्ट विलेज’ यानी भूतहा गांव घोषित किया जा चुका है। उन्होंने भाजपा सरकार पर राज्य के जल, जंगल और जमीन के हितों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।
