नई दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी के मार्गदर्शक मंडल के वरिष्ठ सदस्य और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी को अस्पताल से पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद छुट्टी मिल गई है। उन्हें छाती में संक्रमण (चेस्ट इंफेक्शन) की शिकायत के बाद गत 16 अक्टूबर को नई दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन द्वारा सोमवार को जारी आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, 98 वर्षीय लाल कृष्ण आडवाणी न्यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में उपचाराधीन थे। डॉक्टरों ने उनकी सेहत में उल्लेखनीय सुधार होने की पुष्टि की है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और विभिन्न नेताओं ने की थी मुलाकात, देश भर से मिले थे स्वास्थ्य लाभ के संदेश
लाल कृष्ण आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आते ही देश भर के राजनीतिक गलियारों और उनके समर्थकों में चिंता की लहर दौड़ गई थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने तुरंत अपोलो अस्पताल पहुंचकर उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना था। इसके अलावा, ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की थी। देश के इस वरिष्ठ राजनेता के स्वास्थ्य को लेकर शुभचिंतकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में लगातार प्रार्थनाओं का दौर जारी था, और अब उनके अस्पताल से घर लौटने की खबर से सभी ने राहत की सांस ली है।
भारतीय राजनीति और राम मंदिर आंदोलन के मुख्य स्तंभ रहे हैं आडवाणी, देश के विकास में रहा है अहम योगदान
लाल कृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति और भाजपा के इतिहास की सबसे कद्दावर और प्रमुख हस्तियों में गिने जाते हैं। अपने लंबे और प्रभावशाली सार्वजनिक जीवन में उन्होंने देश के गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च पदों पर रहते हुए राष्ट्र सेवा की है। इसके अलावा, 1990 के दशक में ऐतिहासिक राम मंदिर आंदोलन की अगुवाई करते हुए उन्होंने रथ यात्रा का सफल नेतृत्व किया था। 98 वर्ष की आयु में भी उनका ओजस्वी व्यक्तित्व और राजनीतिक योगदान देश के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है, और उनके स्वस्थ होकर घर लौटने से उनके करोड़ों प्रशंसकों में भारी उत्साह है।

