जबलपुर: कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय में राजस्व प्रकरणों एवं सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के निराकरण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर विश्वकर्मा ने सभी एसडीएम को शिकायतों के निराकरण में तेजी लाने, नियमित मॉनिटरिंग करने और संबंधित अधिकारियों से व्यक्तिगत संपर्क कर लंबित प्रकरणों का समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की रैंकिंग में सुधार की पूरी संभावना है। इसके लिए एसडीएम स्वयं सक्रिय होकर शिकायतों की समीक्षा करें और जिम्मेदारी केवल अधीनस्थ कर्मचारियों पर न छोड़ें। उन्होंने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार कर जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान पर लाने के लिए प्रयास करने पर जोर दिया।
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने निर्देश दिए कि एसडीएम अपने अनुविभाग में राजस्व विभाग के साथ अन्य सभी विभागों की शिकायतों की भी नियमित समीक्षा करें। उन्होंने अधिकारियों से समन्वय कर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का वास्तविक समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने फोर्स क्लोज के लिए भेजे गए। प्रकरणों की भी समीक्षा करने और आवश्यकता पडऩे पर शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर चर्चा कर स्थिति जानने के निर्देश दिए।
नागरिकों को राहत मिले, लापरवाही स्वीकार नहीं-
उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें प्रशासनिक कार्यप्रणाली का आईना हैं। इनके समय पर और गुणवत्तापूर्ण निराकरण से आम नागरिकों को राहत मिलती है। शिकायतों के निराकरण में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
राजस्व प्रकरणों की पुन: समीक्षा
कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने शुक्रवार सुबह राजस्व प्रकरणों की बैठक के बाद शाम को पुन: कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने तथा शिकायतों को एक-दूसरे के पास स्थानांतरित करने के बजाय उनका वास्तविक निराकरण सुनिश्चित करने के लिये कहा। कलेक्टर विश्वकर्मा ने निर्देश दिए कि एसडीएम अपनी टीम के साथ जिला स्तर पर उपस्थित होकर प्रत्येक शिकायत की समीक्षा करें। शिकायतकर्ता से चर्चा और संबंधित अधिकारी से जानकारी लेकर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए। निराकरण की प्रगति की लगातार निगरानी कर अगले दिन पुन: समीक्षा की जाएगी।