सीधी/मड़वास : जिले के मड़वास थाना क्षेत्र अंतर्गत महखोर गांव में पति द्वारा कथित तौर पर पेट्रोल डालकर जलाई गई प्रताडऩा की शिकार पत्नी रोशनी गुप्ता जिंदगी की जंग हार गई। गंभीर रूप से झुलसी रोशनी ने रीवा के संजय गांधी अस्पताल में दरम्यानी रात करीब 1 से 2 बजे के बीच दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद मायके पक्ष में शोक और आक्रोश का माहौल है।
परिजनों ने पूरे ससुराल पक्ष के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मड़वास थाना क्षेत्र के महखोर गांव में रोशनी गुप्ता को पेट्रोल डालकर जलाने के मामले में पुलिस ने आरोपी पति रामजी गुप्ता के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा के तहत कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया था। अब उपचार के दौरान रोशनी की मौत हो गई है। ऐसे में मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। पुलिस द्वारा मौत के बाद की गई कार्रवाई और धाराओं में किसी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
परिजनों के अनुसार रोशनी गुप्ता ने अपने बयान में ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे।
आरोप है कि उसके पति रामजी गुप्ता, सास केशकली गुप्ता, ससुर और जेठ द्वारा शराब तथा डीजल-पेट्रोल के कथित अवैध कारोबार को लेकर विवाद किया जाता था। कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए रोशनी से लाखों रुपये की मांग किए जाने और उसके साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप है। लगातार प्रताडऩा से परेशान होकर रोशनी अपने बच्चे को ससुराल में छोडक़र मायके चली गई थी। करीब चार महीने बाद सास द्वारा बच्चे को खाना न देने और उसे भूखा रखने की धमकी दिए जाने का आरोप है। अपने बच्चे की चिंता में रोशनी अपनी दादी के निधन के बावजूद महखोर स्थित ससुराल लौट आई थी।
पति पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप- परिजनों के आरोपों के मुताबिक ससुराल लौटने के दिन ही रात में विवाद हुआ। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने पति रामजी गुप्ता को उकसाया, जिसके बाद उसने रोशनी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। महिला की चीख-पुकार सुनकर गांव के लोगों ने बीच-बचाव किया और आग बुझाई। घटना के बाद रोशनी को मड़वास के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया। वहां से उसे सीधी जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। हालत गंभीर होने और करीब 90 प्रतिशत तक झुलस जाने के कारण चिकित्सकों ने उसे रीवा के संजय गांधी अस्पताल भेज दिया।
मृतका ने प्रशासन के सामने बताई थी आपबीती
परिजनों के अनुसार सीधी जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान रोशनी गुप्ता ने तहसीलदार और सीधी के डीएसपी के सामने अपनी आपबीती बताई थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि रीवा के अस्पताल में उपचार के दौरान सास केशकली गुप्ता द्वारा बयान बदलने का दबाव बनाया गया और उपचार बंद करवाने की धमकी दी गई। परिजनों के हस्तक्षेप के बाद उपचार दोबारा शुरू होने की बात भी कही गई है। मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष के कुछ सदस्य पूर्व में हत्या के मामले में सजा काट चुके हैं।
