इंदौर: खातीवाला टैंक स्थित सीलशुदा हर्ष क्लीनिक में इलाज के दौरान 10 वर्षीय दिव्यांशी की मौत के मामले में जूनी इंदौर पुलिस ने झोलाछाप डॉक्टर ज्ञान एस. पंजवानी और क्लीनिक संचालक श्रीचंद बागेचा को गिरफ्तार किया है. आरोपी बिना वैध मेडिकल डिग्री के बच्ची को एलोपैथिक दवाएं दी गई थीं. हालत बिगड़ने पर उसे एमवाय अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था.
घटना 30 अगस्त की है, पेट दर्द, बुखार और खांसी की शिकायत होने पर परिजन दिव्यांशी पिता मनोज सोलंकी को हर्ष क्लीनिक लेकर पहुंचे थे. यहां इलाज के दौरान बच्ची की हालत बिगड़ गई. इसके बाद उसे एमवाय अस्पताल रेफर किया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. जांच में सामने आया कि क्लीनिक संचालक श्रीचंद बागेचा और ज्ञान एस. पंजवानी के पास एलोपैथिक चिकित्सा की वैध डिग्री नहीं थी.
इसके बावजूद बच्ची का इलाज किया और उसे दवाएं भी दी थी. प्रशासन पहले ही क्लीनिक को सील कर चुका था, लेकिन इसके बाद भी वहां दोबारा संचालन किए जाने का आरोप है. मामले में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या और मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया. मामले में एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि हर्ष क्लीनिक में बच्ची की मौत के मामले में प्रकरण दर्ज कर क्लीनिक संचालक श्रीचंद बागेचा और ज्ञान एस. पंजवानी को गिरफ्तार कर मामले में आगे की जांच की जा रही है.
