वाशिंगटन, 15 अक्टूबर (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना के पूर्व मेजर निदाल मलिक हसन को फायरिंग स्क्वाड से दी जाने वाली मौत की सजा का सीधा प्रसारण का विरोध किया है।
श्री ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा, “निदाल मलिक हसन ने 13 लोगों की हत्या की, जिनमें एक गर्भवती सैनिक भी शामिल थी। उस सैनिक की अपने अजन्मे बच्चे के साथ मौत हो गयी और 32 अन्य निर्दोष लोग गंभीर रूप से घायल हुए।”
उन्होंने कहा, “इन सबके बावजूद, मेरा मानना है कि उसकी फांसी का सीधा प्रसारण पूरी दुनिया को यह दिखाने के लिए एक मजबूत निवारक साबित हो सकता था कि अमेरिका हसन जैसे आतंकवादियों और घृणित लोगों से कैसे निपटता है। लेकिन कई अच्छे और नेक इरादों वाले लोग उसे फांसी पर मरते हुए, चाहे प्रसारण के जरिए या किसी अन्य दृश्य माध्यम से, देखना पसंद नहीं करेंगे।”
पोस्ट में कहा गया है कि पीड़ितों के निकट परिजन चाहें तो व्यक्तिगत रूप से फांसी देख सकते हैं।
पोस्ट में कहा गया कि अमेरिकी जांच एजेंसियों ने हसन के कट्टरपंथी धर्मगुरु अनवर अल-अवलाकी के साथ इलेक्ट्रॉनिक संवाद पकड़े थे, लेकिन एफबीआई की आतंकवाद निरोधक टीम ने उसके ईमेल को खतरा नहीं माना था। इसे ओबामा प्रशासन की खुफिया विफलता बताया गया है।