भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इंदौर के कुमेड़ी गांव में जमीन को इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) की योजना से मुक्त किए जाने और बाद में उसके कथित व्यावसायिक उपयोग को लेकर लोकायुक्त जांच की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि वर्ष 2007 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान घोषित निवेश प्रस्ताव के तहत आवंटित जमीन पर निर्धारित परियोजना विकसित नहीं की गई।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक और प्रदेश प्रवक्ता राहुल राज ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि बड़े व्यावसायिक प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित जमीन पर बाद में होटल, आवासीय कॉलोनियां और अन्य निर्माण किए गए। इससे मूल निवेश समझौते की शर्तों के पालन पर सवाल खड़े होते हैं।
नायक के अनुसार, जेकेएम इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अभिषेक मोदी ने लगभग 490 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया था, जिसमें 280 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश शामिल था। इसके तहत बिग मॉल बनाने और 4,000 लोगों को रोजगार देने का दावा किया गया था। कांग्रेस का कहना है कि परियोजना प्रस्ताव के अनुरूप पूरी नहीं हुई।
यह जमीन आईडीए की योजना क्रमांक 151 का हिस्सा बताई गई है। कांग्रेस ने जमीन को योजना से मुक्त करने, भू-उपयोग में बदलाव, व्यावसायिक गतिविधियों, कॉलोनी विकास और जमीन की बिक्री की जांच कराने की मांग की।नायक ने 5 मई और 26 जून 2024 के आधिकारिक पत्राचार का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने इन्फोसिस को आवंटित लगभग 130 एकड़ जमीन वापस लिए जाने का हवाला देते हुए इस मामले में भी समान नियम लागू करने की मांग की।
राहुल राज ने वर्ष 2010 के विभागीय पत्राचार तथा 2023 में जमीन के विकास और बिक्री संबंधी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों का उल्लेख किया। कांग्रेस ने निवेश समझौते, वास्तविक निवेश, सृजित रोजगार और संभावित राजस्व नुकसान का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की। पार्टी ने चेतावनी दी कि उचित कार्रवाई नहीं होने पर वह उच्च न्यायालय का रुख करेगी।पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता अभिनव बरोलिया भी उपस्थित थे।
