इंदौर। 2,000 से अधिक के UPI लेन-देन पर प्रस्तावित मर्चेंट चार्ज स्थगित होने के निर्णय से व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। अहिल्या चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए राजबाड़ा क्षेत्र में मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की। इस दौरान चैंबर्स के संयुक्त सचिव अक्षय जैन सहित व्यापारियों ने निर्णय को कारोबारियों के हित में बताया।
व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान आज कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में UPI लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से खासकर छोटे और मध्यम व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। पहले से सीमित मुनाफे पर कारोबार कर रहे व्यापारियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ परेशानी बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
व्यापारी राजेंद्र राठौर ने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने व्यापार को आसान बनाया है और ग्राहकों को भी सुविधा दी है। ऐसे में इस व्यवस्था पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से व्यापारियों के साथ ग्राहकों पर भी अप्रत्यक्ष असर पड़ने की आशंका रहती है। सरकार का निर्णय व्यापार जगत की चिंताओं को समझने की दिशा में सकारात्मक कदम है।
अहिल्या चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकारिणी सदस्य कैलाश चंद्र खंडेलवाल ने कहा कि व्यापारियों के हितों की रक्षा के साथ डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करना जरूरी है। UPI जैसी सुविधाएं तभी अधिक प्रभावी होंगी, जब व्यापारी बिना अतिरिक्त आर्थिक दबाव के इनका उपयोग कर सकें। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी नीतिगत फैसलों में व्यापारियों के व्यावहारिक पक्ष को प्राथमिकता दी जाएगी।
चैंबर्स लंबे समय से प्रस्तावित मर्चेंट चार्ज के विरोध में व्यापारियों की मांग उठा रहा था। संगठन का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था सरल, पारदर्शी और व्यापारियों के लिए किफायती बनी रहनी चाहिए। राजबाड़ा पर मिठाई वितरण के जरिए व्यापारियों ने फैसले का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि प्रस्तावित शुल्क पर आगे भी राहत बरकरार रहेगी।
