नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (वार्ता) रेलवे अपनी सेवाओं के बारे में लोगों की राय जानने के लिए 22 अक्टूबर को देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर ‘रेल जन संवाद’ का आयोजन करेगा।
रेलवे ने सोमवार को बताया कि बोर्ड के सचिव परमानंद शर्मा की अध्यक्षता में आठ अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गयी थी। बैठक में रेलवे में लंबित मामलों के निपटान के लिए चलाये जा रहे विशेष अभियान छह की प्रगति की समीक्षा की गयी। इस दौरान 22 अक्टूबर को देशभर के सभी रेलवे स्टेशनों पर नागरिक-केंद्रित ‘रेल जन संवाद’ आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में क्षेत्रीय रेलवे के अपर महाप्रबंधकों, मंडल रेल प्रबंधकों और अपर मंडल रेल प्रबंधकों, क्षेत्रीय रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारियों, उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों, रेलवे के सार्वजनिक उपक्रमों के अध्यक्षों एवं प्रबंध निदेशकों, प्रशिक्षण संस्थानों के महानिदेशकों, रेलवे बोर्ड के संबंधित अधिकारियों और क्षेत्रीय इकाइयों में अभियान के नोडल अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में अभियान के लक्ष्यों के अनुरूप हुई प्रगति की समीक्षा की गयी। इसमें मापने योग्य परिणाम हासिल करने और लंबित मामलों का समय पर निपटान करने पर विशेष जोर दिया गया। भारतीय रेलवे ने अभियान के तहत एक लाख स्थानों पर सफाई करने, सात लाख वर्ग फुट जगह खाली कराने और कबाड़ के निपटान के माध्यम से 600 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
रेलवे के अनुसार इस वर्ष के अभियान में ई-कचरे के प्रभावी संग्रह, छंटाई और निपटान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह काम ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुसार किया जायेगा। इसके साथ ही सामान्य वित्तीय नियमों (जीएफआर) के तहत कबाड़ का निपटान किया जायेगा। ‘कचरे से कमाल’ जैसी अच्छी पहल की पहचान कर उन्हें व्यापक स्तर पर अपनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
अभियान के तहत ‘रेल जन संवाद’ आयोजित किया जायेगा। इसमें युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘रेल जन युवा संवाद’ का भी प्रावधान किया गया है।
