सीधी : प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के सीधी जिले को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीधी जिले के कलेक्टर विकास मिश्रा को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। जिले को यह सम्मान फसल कटाई के उपरांत भंडारण क्षमता में वृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रदान किया गया है। इस अवसर पर उप संचालक कृषि आर.एस. गुप्ता, वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र शैलेन्द्र गौतम, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अंकिता तिवारी तथा प्रगतिशील कृषक विपिन शुक्ला उपस्थित रहे। यह सम्मान जिले में कृषि विकास, कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने तथा किसानों के हित में किए जा रहे प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान का प्रतीक है।
100 चयनित जिलों में शामिल है सीधी-
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके अंतर्गत देश के 100 चयनित जिलों में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, कृषि क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियों का समाधान करने तथा किसानों की आय में वृद्धि के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। सीधी जिला भी इस योजना के अंतर्गत चयनित है। योजना के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं का समन्वय कर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
कृषि विकास के छह प्रमुख उद्देश्यों पर हो रहा कार्य-
योजना के अंतर्गत जिले में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने, सिंचाई सुविधाओं में सुधार, कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण, कृषि ऋण की उपलब्धता बेहतर बनाने तथा पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्यपालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया जा रहा है। फसल कटाई के बाद कृषि उपज का सुरक्षित भंडारण किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। बेहतर भंडारण सुविधाओं से उपज की गुणवत्ता बनाए रखने, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और कृषि उपज के बेहतर प्रबंधन में सहायता मिलती है। इसी क्षेत्र में जिले के उल्लेखनीय कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान किया गया है।
किसान उत्पादक संगठनों और ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहन-
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के डैशबोर्ड पर उपलब्ध अगस्त 2026 की आउटपुट इंडिकेटर रिपोर्ट के अनुसार, जिले में कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों तथा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रयास किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 8 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) एवं सहकारी संस्थाओं को सहयोग प्रदान किया गया। वर्ष के दौरान एक बल्क मिल्क कूलर की स्थापना की गई तथा 8 डेयरी सहकारी समितियों एवं मिल्क पूलिंग पॉइंट का संचालन दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त 15 सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को सहायता प्रदान की गई, जबकि एक महिला सूक्ष्म उद्यम को भी सहयोग मिला। ये प्रयास कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने, दुग्ध संग्रहण एवं शीतलन सुविधाओं को सुदृढ़ करने, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर विकसित करने तथा महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
विभागीय समन्वय से कृषि विकास को गति-
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कृषि विभाग के साथ पशुपालन, मत्स्यपालन, उद्यानिकी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, सिंचाई एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विभिन्न योजनाओं के अभिसरण पर जोर दिया जा रहा है। कृषि उत्पादकता में वृद्धि, गुणवत्तापूर्ण बीजों के उपयोग, किसान प्रशिक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि ऋण की उपलब्धता तथा कृषि उपज के बेहतर प्रबंधन जैसे विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही दलहन, तिलहन एवं श्रीअन्न जैसी फसलों के प्रोत्साहन, टिकाऊ कृषि पद्धतियों और कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों के विस्तार पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य जिले की कृषि क्षमता का बेहतर उपयोग करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।
जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि-
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत सीधी जिले को प्राप्त राष्ट्रीय सम्मान कृषि विकास एवं कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से कलेक्टर विकास मिश्रा द्वारा सम्मान प्राप्त किया जाना जिले के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, संबंधित विभागों और किसानों के समन्वित प्रयासों को नई प्रेरणा प्रदान करेगी। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा योजना के उद्देश्यों के अनुरूप कृषि विकास, किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण और कृषि आधारित आजीविका के अवसरों को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जिले के किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था अधिक सुदृढ़ बन सके।
