कान्हा अपने जैव विविधता के लिए पहचाना जाता है – डॉ. मोहन

बालाघाट:कान्हा अपनी समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संपदा के लिए विशेष पहचान रखता है। यह प्रसन्नता का विषय है कि यहां बाघ, तेंदुआ, बारहसिंगा सहित अनेक वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में फल-फूल रहे हैं। विशेष रूप से बारहसिंगा के संरक्षण और उनके पुनर्वास के क्षेत्र में कान्हा ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। कभी विलुप्ति की कगार पर पहुंची इस प्रजाति को यहां नया जीवन मिला है।

हमारी समृद्ध वन्यजीव विरासत और प्रकृति के संरक्षण के प्रयासों को करीब से देखकर आज मुझे अत्यंत आनंद की अनुभूति हुई। मैं सभी नागरिकों से आग्रह करता हूं कि वे कान्हा अवश्य आएं और प्रकृति को करीब से जानने व अनुभव करने का अवसर प्राप्त करें।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चीता परियोजना भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है। वहीं, असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा जी के सहयोग से जंगली भैंसों के पुनर्वास की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके अंतर्गत छह मादा और दो नर सहित कुल आठ जंगली भैंसों को यहां बसाया गया है।

बाघ, तेंदुआ, घड़ियाल और मगरमच्छ जैसे वन्यजीवों के संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे प्रयास हमारी प्राकृतिक धरोहर को और समृद्ध बना रहे हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। मैं इस समृद्ध वन्यजीव विरासत के संरक्षण में योगदान देने वाले सभी लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं

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