इंदौर: शहर के कोठारी मार्केट में स्थित शीतला माता मंदिर करीब 100 साल पुराना है. मंदिर में विराजित माता की प्राचीन प्रतिमा आज भी भक्तों की आस्था का केंद्र बनी हुई है. मंदिर की खास बात यह है कि यहां नई प्रतिमा के ठीक बगल में माता की करीब 100 साल पुरानी प्रतिमा भी विराजित है. नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ नौ दिन तक सिगड़ी भवानी का हवन किया जाएगा. मंदिर से जुड़े खेम करण चितले और संतोष कुमार ने बताया कि करीब 100 साल पहले यहां एक ओटले पर माता विराजित थीं. समय के साथ मंदिर का निर्माण और नवीनीकरण कराया गया.
वर्ष 2000 में मंदिर का निर्माण कर माता की नई प्रतिमा स्थापित की गई और शीतला माता का रूप मां दुर्गा का माना जाता है. इसके साथ ही पुरानी प्रतिमा को भी मंदिर में सुरक्षित रखा गया. इस तरह मंदिर में पुरानी और नई, दोनों प्रतिमाओं के दर्शन भक्त कर सकते हैं. शीतला माता मंदिर में हर अमावस्या पर विशेष धार्मिक आयोजन किया जाता है. भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार दान करते हैं और इसी सहयोग से मंदिर की व्यवस्थाएं संचालित होती हैं. मंदिर का संचालन शीतला माता समिति और ट्रस्ट के माध्यम से किया जाता है. ट्रस्ट में पांच सदस्य हैं, जबकि समिति के अन्य सदस्य भी मंदिर की देखरेख और धार्मिक गतिविधियों में सहयोग करते हैं.
मंदिर की व्यवस्थाओं में अहिरवार-जाटव समाज के लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है. समिति और ट्रस्ट से जुड़े सदस्य मिलकर पूजा-पाठ, धार्मिक आयोजनों और मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी निभाते हैं. समिति से जुड़े विजय गोयल, राजू परमार, ट्रस्ट अध्यक्ष अनिल पिपली, अशोक सोलंकी सहित अन्य सदस्य भी मंदिर की व्यवस्थाओं में सहयोग करते हैं. नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में भक्तों के लिए विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे. पूरे नौ दिन सिगड़ी भवानी का हवन होगा. इन दिनों मंदिर में माता की पूजा-अर्चना और दर्शन का विशेष महत्व रहेगा. करीब एक सदी पुरानी परंपरा और प्राचीन प्रतिमा के कारण यह मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है.
