नई दिल्ली, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के विरोध में जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके, को-कन्वीनर सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई के कारण फ्लाइट में मौजूद अन्य यात्रियों को भारी परेशानी और लंबी देरी का सामना करना पड़ा। मुंबई से आ रहे एक सहयात्री ने पुलिस कार्रवाई और हंगामे पर अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर सारा काम जनता और प्रदर्शनकारी ही करेंगे, तो अदालतों और स्थापित व्यवस्था को बंद कर देना चाहिए।
चंडीगढ़ में मनीष सिसोदिया समेत सैकड़ों AAP नेता हिरासत में, दिल्ली पुलिस ने बनाए कई डिटेंशन सेंटर
राजधानी दिल्ली के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ पुलिस का कड़ा रुख देखने को मिला है। पंजाब के चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, हरपाल सिंह चीमा और हरदीप सिंह मुंडियां समेत सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। वहीं दिल्ली में स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने अब तक कुल 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों और असामाजिक तत्वों को हिरासत में ले लिया है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पूरी नई दिल्ली को 20 अलग-अलग जोन में बांटा गया है और सुरक्षा के मद्देनजर सभी प्रमुख स्टेडियमों को अस्थायी डिटेंशन सेंटर में बदल दिया गया है।
सुरक्षा के कड़े पहरे से पस्त हुआ प्रदर्शन, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर कता शिकंजा
प्रशासन द्वारा उठाए गए इन कड़े कदमों से जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाला विरोध प्रदर्शन लगभग बेअसर साबित हुआ है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने और आम जनता की आवाजाही को बाधित करने की अनुमति किसी भी दल या संगठन को नहीं दी जाएगी। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले करीब 50 संदिग्धों को भी पुलिस ने पहले ही एहतियातन दबोच लिया है। भारी सुरक्षाबलों की तैनाती और चप्पे-चप्पे पर की गई नाकाबंदी के चलते फिलहाल राजधानी के संवेदनशील इलाकों में पूरी तरह शांति और नियंत्रण बना हुआ है।

