नई दिल्ली, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर आयोजित किए जाने वाले प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। हाल ही में हुए कुछ प्रदर्शनों के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ हुई बदसलूकी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, पुलिस प्रशासन ने मध्य दिल्ली के संवेदनशील और प्रमुख इलाकों में अपनी विशेष महिला सुरक्षा इकाई ‘पिंक फोर्स’ को तैनात किया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा से भी अतिरिक्त महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे।
मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग के साथ 35,000 से अधिक जवान तैनात, ड्रोन और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से रखी जा रही है पैनी नजर
मंडी हाउस, फिरोज शाह रोड, कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में सुरक्षा का कड़ा पहरा बैठाया गया है। पूरे क्षेत्र को मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग से सील कर भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात किया गया है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुल 35,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को ड्यूटी पर लगाया गया है। भीड़भाड़ और संवेदनशील गतिविधियों पर लाइव नजर रखने के लिए छतों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
पारदर्शिता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को दिए गए नाइट-विज़न बॉडी कैमरे
इस बार विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार के झूठे आरोपों और विवादों से बचने के लिए दिल्ली पुलिस ने खास तकनीकी उपाय किए हैं। ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को नाइट-विज़न यूनिफॉर्म बॉडी कैमरे मुहैया कराए गए हैं, ताकि भीड़ के साथ होने वाली हर बातचीत और कार्रवाई पारदर्शी तरीके से रिकॉर्ड हो सके। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले चुनिंदा वीडियो के सच को सामने लाने और पुलिस पक्ष को सुरक्षित रखने के लिए यह डिजिटल रिकॉर्डिंग बेहद मददगार साबित होगी। पुलिस ने अपनी टीमों को प्रदर्शनकारियों के साथ संयम बरतने और अनावश्यक बहस से दूर रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।

