बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, जन सुविधाओं, कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों की तैयारियों, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन संबंधी कार्यों, जिला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा हरिद्वार अर्धकुंभ-2027 की तैयारियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी तरीके से पूरे किए जाएं। जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना और प्रदेश में सुशासन की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को केवल कार्यालयों तक सीमित न रहकर नियमित रूप से फील्ड में जाने, जमीनी स्थिति का आकलन करने तथा समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थलीय निरीक्षण कर लंबित मरम्मत कार्यों को तत्काल शुरू कराया जाए। सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के अभियान में तेजी लाते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण किए जाएं। सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं भी बहुत जल्द पूरे प्रदेश का दौरा सड़क मार्ग से करूंगा। यदि कहीं भी सड़क टूटी हुई मिली या मरम्मत कार्य में लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि केवल कागजों पर प्रगति दिखाने के बजाय धरातल पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। डीएम संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा करें और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं।
श्री धामी ने सीवर एवं पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों को एक नवंबर तक पूर्ण कर खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों, व्यापारियों और यात्रियों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजारों, आवासीय क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर विशेष ध्यान दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी विभाग की लापरवाही के कारण जनसामान्य को असुविधा न हो। उन्होंने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और अन्य नगरीय निकायों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने राजस्व से संबंधित मामलों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब पर रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि पटवारी और तहसीलदार अपने स्तर पर मामलों का नियमानुसार एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। आम नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली जनसुविधा केंद्रित होनी चाहिए। राजस्व मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। डीएम लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा जिन मामलों में अनावश्यक देरी हो रही है, उनके कारणों का पता लगाकर जिम्मेदारी तय करें।
उन्होंने एसआइआर के अंतर्गत पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करने और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला योजना के कार्य समयबद्ध पूरे हों, स्वीकृत धनराशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। केवल धनराशि व्यय करना ही लक्ष्य न हो, बल्कि योजनाओं का लाभ धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने एसएसपी और एसपी को निर्देश दिए कि पुलिस के पास शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए, संज्ञेय अपराधों में तत्काल एफआईआर दर्ज हो।
उन्होंने पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने अथवा न्याय पाने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
श्री धामी ने सभी जनपदों में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों, सांप्रदायिक सौहार्द, यातायात व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि त्योहारों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक न हो। उन्होंने महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने ऑपरेशन कालनेमि एवं सत्यापन अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों तथा हरिद्वार कुंभ-2027 को ध्यान में रखते हुए इन अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने संदिग्ध गतिविधियों और आपराधिक तत्वों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सत्यापन अभियान प्रभावी तरीके से संचालित किया जाए तथा थाना एवं चौकी स्तर पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए।
मुख्यमंत्री ने शीतकालीन पर्यटन एवं यात्रा सीजन को देखते हुए मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों के लिए अग्रिम यातायात योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पुलिस बल, पार्किंग स्थलों, वैकल्पिक मार्गों और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यातायात संबंधी सूचनाएं समय पर जारी करने तथा प्रमुख मार्गों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के विरुद्ध संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करें। सड़कों, पुलों, घाटों, पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य सुविधाओं, पार्किंग और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी परियोजना में देरी होने पर उसके कारणों का तत्काल समाधान किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराएं। उन्होंने दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टरों और एएनएम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाय। उन्होंने कहा कि प्रभारी सचिव प्रत्येक 15 दिन में जनपदों का भ्रमण करेंगे और विकासखंडवार समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि समीक्षा केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए। जहां भी कोई समस्या, बाधा या अनावश्यक विलंब सामने आए, वहां संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारी , पुलिस अधिकारियों और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से फील्ड में जाकर कार्यों की प्रगति का निरीक्षण करें। जनहित से जुड़े कार्यों में समन्वय की कमी, लापरवाही या अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा। सुमिताभ , जांगिड़
