इंदौर:भाजपा सरकार वोट चोरी के सवालों से घबराकर विपक्ष और छात्रों की आवाज दबा रही हैं. शहर में पुलिस द्वारा छात्रों का टेंट उखाड़ना लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास है. जब शांतिपूर्ण धरने से भी सरकार को परेशानी है, तो समझे कि मोदी और भाजपा कितने डरे हुए हैं. देश में वोट चोरी से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री खामोश है. ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा एवं उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए.उक्त बात पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कही.
शुक्रवार दोपहर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भंवरकुआं स्थित टंट्या मामा प्रतिमा स्थल धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचे. उन्होंने आंदोलनरत विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया और चिलचिलाती धूप से बचाव के लिए उन्हें छाते वितरित किए. इस दौरान छात्रों ने पूर्व मंत्री वर्मा को बताया कि कल शाम धरना समाप्त करने को लेकर पुलिस ने उनका टेंट उखाड़ दिया. छात्रों ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 19 में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए किसी तरह की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है.
पुलिस द्वारा उन्हें हटाने का प्रयास किया जा रहा है. पूर्व सांसद सज्जन सिंह वर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित विपक्ष के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. शहर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं का टेंट उखाड़कर धूप में बैठने पर मजबूर करना लोकतांत्रिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. इस दौरान छात्र योगित गुप्ता, जानवी वर्मा, भारत मोलवा, अमन सराठे, चिराग़ मालवीय, सेजल पटेल, आदित्य मालवीय, पवन मंडलोई, वैराग्य बर्डे और शुभम दरबार सहित कई विद्यार्थी धरने पर बैठे रहे. मीडिया से चर्चा में राजेश चौकसे, प्रवक्ता अमित चौरसिया, विवेक खंडेलवाल, गिरीश जोशी उपस्थित थे.
