
नई दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की लंच बैठक के बाद दिल्ली की सड़कों पर विपक्षी सांसदों और सुरक्षा बलों के बीच भारी राजनीतिक टकराव देखने को मिला. लंच के दौरान तैयार हुई नई रणनीति के तहत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस व अन्य दलों के सांसद बस में सवार होकर जंतर-मंतर पर धरना देने के लिए आगे बढ़े, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें धरना स्थल पर पहुंचने से पहले ही रास्ते में रोक दिया.
पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में विपक्षी नेताओं ने पीछे हटने के बजाय सड़क पर ही धरना देना आरंभ कर दिया. इस पूरे प्रदर्शन के दौरान मोर्चा मुख्य रूप से प्रियंका गांधी ने संभाला. पुलिस द्वारा सांसदों के साथ किए गए कथित गलत व्यवहार और तीखी धक्का-मुक्की के विरोध में प्रियंका गांधी वहीं सड़क पर जमीन पर लेट गईं, जिन्हें सुरक्षा देने के लिए महिला सांसदों और महिला व पुरुष नेताओं ने तुरंत एक मजबूत घेरा बनाकर सुरक्षा चक्र तैयार कर लिया. इस दौरान राहुल गांधी अपने सांसदों के साथ वहीं मुस्तैदी से खड़े रहे. काफी देर तक चली भारी खींचतान और जंतर-मंतर जाने के लिए जिद पर अडे नेताओं को बारी बारी से सुरक्षा बलों द्वारा उठाकर बस में बैठा दिया गया. लेकिन अंत तक राहुल व प्रियंका गांधी ने पुलिस के अधिकारियों से आगे बढ़ने या वहीं धरने पर बैठने देने को कहा जाता रहा. लेकिन लगभग एक घंटे तक चले नोंकझोंक के बाद सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग करते हुए प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और अन्य सभी नेताओं को जबरन वहां से उठाया, उन्हें अलग अलग बसों में डाला और धरना स्थल को पूरी तरह खाली करा दिया.
