
भोपाल। विधायक अकील की नाराजगी के बाद मंगलवार को जिला प्रशासन ने कलेक्टर कार्यालय में आनन फानन में शाही कब्रिस्तान से जुड़े मेट्रो निर्माण को लेकर बैठक की. बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अंडरग्राउंड मेट्रो रूट के निर्माण के दौरान शाही कब्रिस्तान की किसी भी कब्र को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. इसके लिए विशेष बैरिकेडिंग और टीन शेड लगाए जाएंगे. अधिकारियों ने बताया कि मेट्रो के मौजूदा एलाइनमेंट में अब बदलाव संभव नहीं है, इसलिए कब्रिस्तान के उस हिस्से में निर्माण किया जाएगा, जहां कोई कब्र मौजूद नहीं है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संबंधित जमीन को पूर्व स्थिति में कर दिया जाएगा. कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की मौजूदगी में हुई बैठक में विधायक अकील, एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान, मेट्रो एमडी कृष्ण एस. चैतन्य, एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव, शाही औकाफ के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
-शाही कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो रूट पर विवाद
भोपाल मेट्रो के ऑरेंज लाइन फेज-2 के अंडरग्राउंड रूट को लेकर शाही कब्रिस्तान की जमीन का विवाद फिर सामने आया है. सोमवार रात मेट्रो टीम बैरिकेडिंग और काम की तैयारी के लिए मौके पर पहुंची, जिसका कांग्रेस विधायक आतिफ अकील और समर्थकों ने विरोध किया. विधायक ने बिना वैधानिक अनुमति काम नहीं करने और मशीनरी हटाने की मांग की. उनका कहना है कि पहले शाही औकाफ से अनुमति ली जाए. मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में भी चल रही है. सुभाषनगर-करोंद कॉरिडोर के 3.39 किमी हिस्से के अंडरग्राउंड होने का प्रस्ताव है.
