
जबलपुर। हाईकोर्ट ने जिन क्षेत्रों में पीएनजी उपलब्ध नहीं है, वहां एलपीजी सप्लाई बंद किए जाने के आरोप पर हाईकोर्ट ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान पूछा कि यदि एलपीजी भी बंद कर दी जाए और पीएनजी उपलब्ध न हो तो लोगों के चूल्हे कैसे जलेंगे। सरकार की ओर से बताया गया कि एलपीजी बंद करने की कार्रवाई उन्हीं क्षेत्रों में की जा रही है, जहां पीएनजी उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इस पर कोर्ट ने ऐसा क्षेत्र बताने को कहा, जहां पीएनजी उपलब्ध कराए बिना एलपीजी सप्लाई रोकी गई हो।
याचिकाकर्ता अखिल भारतीय उपभोक्ता कांग्रेस की ओर से अधिवक्ता अक्सा मुकर्रम ने भोपाल के अयोध्या बायपास क्षेत्र का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कई कालोनियों में अभी पीएनजी कनेक्शन नहीं पहुंचे हैं, इसके बावजूद एलपीजी सप्लाई बंद की जा रही है। कोर्ट ने सरकार से इसकी वास्तविक स्थिति बताने को कहा है। सरकार बुधवार, सात अक्टूबर को रिपोर्ट पेश करेगी। याचिका में केंद्र के 24 मार्च 2026 के आदेश को भी चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि इससे उपभोक्ताओं पर पीएनजी लेने का दबाव बन सकता है और निजी कंपनियों को लाभ हो सकता है। कोर्ट के समक्ष यह फिलहाल याचिकाकर्ता की दलील है।
