
ओंकारेश्वर, नगर परिषद और तहसील प्रशासन की ओर से अतिक्रमण सहित अन्य मामलों में लगातार नोटिस जारी किए जाने से ओंकारेश्वर के स्थानीय रहवासियों में अपने मकान और व्यापारिक प्रतिष्ठान उजड़ने का भय गहराने लगा है। लोगों का आरोप है कि कार्रवाई की आशंका के बीच प्रशासन की ओर से उन्हें राहत देने के बजाय नोटिस थमाए जा रहे हैं। इससे तीर्थनगरी में आक्रोश और असुरक्षा का माहौल बनता जा रहा है।
सोमवार को कांग्रेस खंडवा ग्रामीण जिलाध्यक्ष उत्तम पाल सिंह स्थानी निवासियों के बीच पहुंचे और चौपाल पर मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों ने पहले दावा किया था कि यदि ओंकारेश्वर में किसी के मकान पर बुलडोजर चलेगा तो वे सबसे पहले बुलडोजर के सामने खड़े होंगे। लेकिन आज जब लोग नोटिसों और कार्रवाई की आशंका से परेशान हैं, तब सांसद और विधायक नजर नहीं आ रहे हैं।
उत्तम पाल सिंह ने कहा कि प्रशासन को किसी भी कार्रवाई से पहले स्थानीय लोगों की स्थिति और उनके वर्षों पुराने निवास एवं व्यापार को गंभीरता से समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को उनके घर-दुकान उजड़ने का डर दिखाकर नहीं छोड़ा जा सकता।
स्थानीय समस्याओं और आगे की रणनीति तय करने के लिए 8 अक्टूबर को ब्रह्मपुरी क्षेत्र में ओंकारेश्वर के रहवासियों की बैठक रखी गई है। इसमें प्रभावित लोग अपनी समस्याएं रखेंगे और आगामी आंदोलन की रणनीति तय किए जाने की बात कही गई है।
