वार्ड 57: मूलभूत सुविधाओं की दरकार, बंद स्ट्रीट लाइट, कचरे के ढेर और जलजमाव से परेशान रहवासी

विजय शर्मा

भोपाल: रवींद्रनाथ टैगोर परिसर सहित आसपास की कॉलोनियों में रहवासी सफाई, स्ट्रीट लाइट, पानी और जल निकासी जैसी समस्याओं से परेशान हैं. रहवासियों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से कई स्थानों पर कचरा जमा रहता है. रवींद्रनाथ टैगोर परिसर में दो से तीन दिन में सफाई होती है, लेकिन कचरा कई बार 10 दिन तक नहीं उठाया जाता. इसके कारण कचरा आसपास फैल जाता है. रहवासियों के अनुसार परिसर की स्ट्रीट लाइट भी अक्सर खराब रहती है. कई बार महीनेभर तक लाइट बंद रहने के बाद शिकायत करने पर सुधार किया जाता है. पीपलिया पेंदे खान क्षेत्र में भी नालियों की सफाई नहीं होने की शिकायत है. नालियां कचरे से भरी रहती हैं और सफाई होने के बाद भी निकला कचरा समय पर नहीं उठाया जाता. इस वार्ड के पिपलिया पेंदे खां में लगभग 5 हजार लोग निवास करते हैं. लेकिन इनके बच्चों को खेलने के लिए कोई पार्क तक नहीं है. ना ही कोई खेल मैदान है जिससे यहां के बच्चे किसी भी खेल प्रतियोगिता के लिए आगे नहीं आ पा रहे हैं.
-बारिश में जलभराव, मच्छरों का खतरा
रहवासियों ने बताया कि नालियों की सफाई नहीं होने के कारण बारिश के दौरान गलियों में पानी भर जाता है. जमा पानी से मच्छरों की संख्या बढ़ रही है. उनका कहना है कि क्षेत्र में नियमित रूप से मच्छररोधी दवा का छिडक़ाव भी नहीं किया जाता. यहां बच्चों के लिए पार्क या खेल मैदान भी नहीं है.
-पानी की समस्या भी गंभीर
पिपलिया पेंदे खां क्षेत्र में पानी का दबाव कम होने की शिकायत भी सामने आई है. कई परिवारों को मोटर लगाकर पानी भरना पड़ता है. जिन घरों में मोटर नहीं है, उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता. रहवासियों के अनुसार क्षेत्र में कुआं, बावड़ी या हैंडपंप जैसी वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है. कई बार 15 से 20 दिन में कचरा उठाने की शिकायत भी सामने आई है.
-पेंशन नहीं मिलने की शिकायत
पिपलिया पेंदे खां के रहवासियों ने वृद्धावस्था पेंशन से जुड़ी समस्या भी बताई. जिन लोगों को पहले पेंशन मिलती थी उनकी बंद हो चुकी है. यहां पर वर्तमान में बढ़ी मात्रा में एैसे बुजुर्ग हैं जिन्हें अभी तक पेंशन लाभ नहीं मिल पा रहा है. इसके लिए वार्ड में भी शिकायत कर चके और कई तो आवेदन भी कर चुके हैँ उसके बाद भी बुजुर्ग पेंशन से वंचित हैं1
-साकेत नगर में जल निकासी की समस्या
4-बी साकेत नगर के रहवासियों ने बताया कि यहां स्ट्रीट लाइट बंद है और कचरा भी नियमित नहीं उठता. बारिश के पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से पूरी कॉलोनी में पानी भर जाता है. रहवासियों के अनुसार अब तक नालियों का निर्माण भी नहीं हुआ है. वहीं 2-बी साकेत नगर के लोगों ने सडक़ निर्माण और खुदाई के बाद काम अधूरा छोडऩे की शिकायत की. कुछ रहवासियों ने पार्षद से संपर्क नहीं होने और शिकायतों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं होने की बात कही है. हालांकि, इन शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों और पार्षद का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका.
-स्कूलों की दीवार सहित वार्ड में करोड़ों की लागत से सडक़ें बनावाई: सुरेंद्र
क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए गए हैं. करीब 25 लाख रुपए की लागत से स्कूल भवन का निर्माण कराया गया. एम्स पहुंच मार्ग पर डीआरएम रोड से एम्स तक चार सडक़ों का निर्माण कराया गया. पंच नगर में करीब 16 लाख रुपए की लागत से सडक़ बनाई गई. नर्मदा मंदिर में बाउंड्रीवाल और शौचालय का निर्माण कराया गया. एकता नगर में करीब 15 लाख रुपए की लागत से नाली और सडक़ निर्माण के कार्य हुए. साकेत नगर में रविंद्रनाथ टैगोर वाली सडक़ पर करीब 3 लाख रुपए खर्च किए गए. शक्ति नगर में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से सडक़ निर्माण कराया गया. यहां गणेश जी के स्टेज का निर्माण भी कराया गया। शक्ति नगर मार्केट में अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्ति स्थापित कर मार्केट का नामकरण किया गया और स्वागत द्वार बनाया गया. बाजार में एक जैसे शेड भी लगवाए गए. विभिन्न स्थानों पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए के सडक़ निर्माण कार्य कराए गए हैं.
सुरेंद्र वादिका, बीजेपी पार्षद 57
-वार्ड 57 के रहवासियों ने बताई समस्याएं
रवींद्रनाथ टैगोर परिसर की स्ट्रीट लाइट बंद है, साफ सफाई बराबर हो रही है, कचरा नहीं उठाया जाता है.
हर्षेन्द्र महाजन, रहवासी, 2-सी, साकेत नगर
सफाई दो से तीन दिन में सफाई होती, कचरा 10 दिन तक पद रहता है , जो आसपास वापस फेल जाता है, स्ट्रीट लाइट महीने भर आँखमिचोली करती है शिकायत करने पर सुधार करते हैं,
मो जुबेर, रहवासी रवींद्रनाथ टैगोर परिसर
सफाई होती नहीं है नालियों कचरे भरी हुई हैं और जहां सफाई हुई है वह कचरा उठाया नहीं जाता है. पीने का पानी कम दबाव से आता है जिससे अधिकतर लोगों मोटर लगाकर पानी भरना पड़ता और जिनके पास मोटर नहीं है उन्हें पानी के लिए मोहताज रहना पड़ता है. यहां कुआँ है, न बावड़ी और हैंडपंप भी नहीं है. 15 से 20 दिन में कचरा वाहन आता है,
ताराचंद, पीपलिया पेंदे खां
यहां नालियां कभी साफ ही नहीं हुई, सफाई करने कभी कभी आता है, जिसकी शिकायत भी कर चुके है. नालियों के सफाई नहीं होने बारिश के दौरान गलियों में पानी भर जाता है. वहीं मच्छर पनप रहे है जिससे बीमारी फैलाने खतरा बना रहता है. नालियों में या गांव में कभी मच्छरों को मारने वाली दवाई छिडक़ी नहीं जाती है, एक भी पार्क या खेल मैदान नहीं है, यहां के बच्चों खेलने के लिए कोई जगह नहीं ह
यासिम खान, पिपलिया पेंदे खां
सफाई नहीं होती है, कचरे ढेर लगा रहता है, नालियां कचरे से भरी रहती हैं. नालियों की कभी सफाई नहीं की जाती, पानी कभी कभी खराब आता है.
शीला बाई, पिपलिया पेंदे खां
सफाई करने वाले यह नहीं आते है, पानी की कमी है नल बहुत कम आते हैं, मेरे पेलती लक्ष्मी नारायण की वृद्धा वस्था पेंशन दो साल पाले तक मिल रही थी अब अब नहीं मिल रही है, इसी यहां पर बहुत सारे वृद्ध हैं जो पेंशन से वंचित है,
सुमित्रा विश्वकर्मा, पिपलिया पेंदे खां
स्ट्रीट लाइट जल नहीं रही है, कचरा नहीं उठ रहा है, इस कालोनी में बारिश के पानी का निकास नहीं है जिससे बारिश के दौरान पूरी कालोनी में पानी भरा रहता है, अजय जोशी, 4 बी, साकेत नगर
कालोनी को बने हुए कई वर्ष हो लेकिन नगर निगम ने अभी तक नालियां नहीं बनाई है. वहीं इस कालोनी में स्ट्रीट लाइट का समस्या बनी हुई. शिकायत करने के बाद भी कोई सुधार नहंी होता है.
आर के मस्की, 4 बी, साकेत नगर
पार्षद के कार्यों से असंतुष्ट, पहले खुदाई करते फिर छोड़ देते हैं सडक़े खुदी हैँ. पार्षद चुनाव जीतने के बाद कभी आये ही नहीं. शिकायत के लिए फोन किया जाए तो अटेंड नहीं करते, पार्षद निष्क्रीय है. स्पष्ट लोकल का होना चाहिए, यह वार्ड से बाहर के हैं,
दिवेश पोद्दार, 2 बी, साकेत नगर

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