अगरतला, 05 अक्टूबर (वार्ता) त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) के तहत विलेज कमिटी चुनावों के लिए वोटों की गिनती सोमवार सुबह 44 ब्लॉक में बने 45 तय केंद्रों पर शुरू हुई। इस प्रक्रिया के लिए लगभग 2,000 कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) के सचिव अनुराग सेन ने कहा कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। गिनती केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बल, त्रिपुरा पुलिस और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के जवानों को मिलाकर कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है।
सेन ने कहा, “कुछ इलाकों में ग्राम समितियों की संख्या ज़्यादा होने के कारण गिनती अगली सुबह तक चल सकती है। वहीं, दूसरी जगहों पर गिनती शाम तक पूरी हो सकती है।”
ये चुनाव राजनीतिक रूप से अहम हैं क्योंकि सत्ताधारी गठबंधन के दो सहयोगी दलों – भाजपा और टिपरा मोथा – ने ग्राम समिति चुनाव साथ मिलकर लड़े, लेकिन वे एक-दूसरे के खिलाफ भी मुकाबले में हैं। 2026 के एडीसी चुनावों में मोथा के एक बड़ी ताकत के तौर पर उभरने के बाद दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक मुद्दों पर मतभेद हो गए थे।
इसके बाद, भाजपा नेतृत्व ने ग्राम समिति चुनावों के लिए सहयोगियों को एक साथ लाने के लिए दखल दिया। हालांकि, सभी समितियों में सीटों के बंटवारे का एक जैसा फॉर्मूला लागू नहीं किया जा सका।
28 सितंबर को हुये मतदान में 81.21 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। गोमती जिले के उदयपुर में गमारिया में हुई गोलीबारी की घटना को छोड़कर, मतदान की प्रक्रिया काफी हद तक शांतिपूर्ण रही।
इस बीच, टिपरा मोथा के नेता प्रद्योत किशोर देबबर्मन ने अपने समुदाय के लोगों से अपील की कि वे मतों की गिनती के दौरान और उसके बाद हिंसा से दूर रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि समुदाय के भीतर आपसी टकराव का नतीजा बुरा ही होगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत तो होती ही रहती है और सभी समर्थकों से नतीजों को शांति से स्वीकार करने की अपील की। श्री देबबर्मन ने कहा, “चुनाव में एक गुट जीतता है तो दूसरा हारता है-यह एक आम बात है।” उन्होंने आगे कहा कि हारने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा से आदिवासी एकता को नुकसान पहुंचेगा।
यह अपील चुनाव के दौरान राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और हिंसा की छिटपुट घटनाओं के माहौल में की गई है। 28 सितंबर को गोमती जिले के वारेंगबारी में टिपरा मोथा के एक उम्मीदवार पर गोली चलाई गई थी, जिससे तनाव बढ़ गया था। बाद में पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार है।
