
भोपाल। समसगढ़ जैन मंदिर में रविवार दोपहर क्षमावाणी पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर भगवान के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने श्रीजी का जलाभिषेक एवं शांतिधारा कर भगवान के दर्शन, पूजन, विधान और आराधना की।
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर अध्यक्ष राजीव पंचरत्न, नरेन्द्र जैन, सुदेश जैन, प्रदीप जैन, अंकित जैन, जिनेन्द्र सिंघई तथा समिति के सदस्यों द्वारा आचार्य श्री के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं चित्र अनावरण से हुई।
श्रद्धालुओं ने जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए हाथ जोड़कर क्षमा मांगी और क्षमावाणी पर्व के संदेश को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि क्षमावाणी केवल परंपरा नहीं, बल्कि मन में संचित वैर-विरोध और कटुता समाप्त कर प्रेम, मैत्री और सद्भाव बढ़ाने का अवसर है।
इस अवसर पर पर्युषण महापर्व के दौरान 10, 8 और 5 दिन के निर्जल उपवास सहित कठिन तप-साधना करने वाले तपस्वियों का समाज की ओर से सम्मान कर उनकी साधना की अनुमोदना की गई।
