सिंगरौली: बगदरा पुलिस चौकी क्षेत्र में बारिश थमते ही सोन नदी से कथित अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का कारोबार फिर जोर पकड़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सोन नदी से रेत निकालकर क्षेत्र में जगह-जगह भंडारण किया जा रहा है। इससे सोन नदी के प्राकृतिक स्वरूप के साथ स्वर्ण घड़ियालों के संरक्षण पर भी संकट बढ़ रहा है। ग्रामीणों और सूत्रों के अनुसार रेत कारोबारियों से कथित तौर पर प्रति वाहन तीन से पांच हजार रुपये तक की रात में वसूली किए जाने की चर्चा है। आरोप है कि कुछ चिन्हित रेत कारोबारियों के माध्यम से ट्रैक्टरों और हाईवा वाहनों से वसूली कराई जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि रेत अभयारण्य क्षेत्र में जगह-जगह अवैध भंडारण होने के बावजूद संबंधित पुलिस और स्वर्ण घड़ि़याल अमला प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। उनका कहना है कि कार्रवाई उन्हीं मामलों में होती है, जहां कथित तौर पर आपसी साठगांठ नहीं बन पाती।
युवा वर्ग नशे के गिरफ्त में, अमला मौन इधर बगदरा और आसपास के गांवों में अवैध देशी-विदेशी शराब की बिक्री तथा पैकारी की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग की निष्क्रियता से शराब कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। रेत के अवैध दोहन से नदी और जलीय जीवों पर खतरा बढ़ने के साथ अवैध शराब से युवा वर्ग के नशे की गिरफ्त में आने की चिंता भी बढ़ रही है। आलम यह है कि कई गांवों में दिनमान से लेकर देर रात तक शराब की अवैध विक्री की जा रही है। इतना ही नही आरोप तो यहां तक है कि कई चायपान की गुमटियों एवं किराना दुकानों में शराब बेची जा रही है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक का ध्यान आकृष्ट कराकर रेत और शराब के अवैध कारोबार की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
