रीवा :संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय, रीवा के सर्जरी विभाग में एक जटिल एवं चुनौतीपूर्ण शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक की गई, जिसमें चार माह की गर्भवती महिला की गर्भावस्था को सुरक्षित रखते हुए लेप्रोस्कोपिक विधि से लगभग साढ़े 3 किलोग्राम का ओवेरियन ट्यूमर निकाला गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला पेट में दर्द की शिकायत लेकर संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय पहुंची थी। जांच एवं सोनोग्राफी के पश्चात पेट में बड़े आकार के ट्यूमर की पुष्टि हुई। ट्यूमर के कारण महिला को पेट में दर्द के साथ-साथ खान-पान की क्षमता भी प्रभावित हो रही थी। महिला का हीमोग्लोबिन भी काफी कम था।
मामले की जटिलता को देखते हुए सर्जरी विभाग के चिकित्सकों द्वारा महिला के परिजनों को आवश्यक परामर्श दिया गया तथा ऑपरेशन की तैयारी प्रारंभ की गई। ऑपरेशन से पूर्व ब्लड ट्रांसफ्यूजन एवं आयरन के इंजेक्शन के माध्यम से हीमोग्लोबिन को सामान्य सीमा के करीब लाया गया।
इसके बाद एनेस्थीसिया, सर्जरी विभाग, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, ब्लड बैंक तथा रेडियोलॉजी विभाग के आपसी समन्वय एवं चिकित्सकीय परामर्श के पश्चात 29 सितंबर को महिला की सफल सर्जरी की गई। लेप्रोस्कोपिक विधि से लगभग 3.5 किलोग्राम का ट्यूमर निकाला गया तथा गर्भावस्था को सुरक्षित रखा गया।
ऑपरेशन के पश्चात महिला को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार होने के बाद लगभग चार दिन पश्चात महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।मिनिमल इनवेसिव सर्जरी में एसजीएमएच की बढ़ती क्षमता चिकित्सकों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान बड़े आकार के ओवेरियन ट्यूमर का लेप्रोस्कोपिक विधि से ऑपरेशन करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में मां के साथ-साथ गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों के समन्वित प्रयास से यह जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।
अस्पताल अधीक्षक एवं इस जटिल ऑपरेशन के प्रभारी चिकित्सक डॉ प्रियंक शर्मा के अनुसार संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में आधुनिक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। भविष्य में मिनिमल इनवेसिव सर्जरी में सुपर स्पेशियलिटी स्तर के प्रशिक्षण एवं पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की दिशा में भी तैयारी की जा रही है, जिससे मेडिकल कॉलेज एवं क्षेत्र के मरीजों को उन्नत उपचार सुविधाओं का लाभ मिल सके।
