इंदौर:भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर ने गुरुवार को अपना 30वां स्थापना दिवस मनाया. तीन दशक की यात्रा में प्रबंधन शिक्षा, शोध और नेतृत्व विकास के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों को याद किया गया. समारोह में शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया.समारोह में संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने कहा कि 30 वर्ष पूरे होना केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि आगे की जिम्मेदारियों पर विचार करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संस्थान की तीन प्रमुख प्राथमिकताएं महत्वपूर्ण ज्ञान का सृजन, प्रभावी नेतृत्व तैयार करना और समाज व राष्ट्र की सेवा करने वाली संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करना होंगी. उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य केवल विस्तार करना नहीं, बल्कि उद्देश्यपूर्ण विकास करना है. समारोह में आईआईएम इंदौर के 30 वर्षों की यात्रा पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया. संस्थान की शुरुआत 1998 में प्रबंधन में स्नातकोत्तर कार्यक्रम के 37 विद्यार्थियों के पहले बैच से हुई थी। आज संस्थान प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन, समेकित प्रबंधन, कार्यकारी शिक्षा और शोध के विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रहा है.
शिक्षकों और कर्मचारियों का सम्मान
स्थापना दिवस पर श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार 2026 प्रो. उदयन शर्मा को प्रदान किया गया. श्रेष्ठ अध्ययन-प्रकरण पुरस्कार प्रो. रंजीत नंबूदरी को उनके अध्ययन-प्रकरण एपिगीः मानव संसाधन प्रबंधन की कार्यप्रणालियां और विकास की चुनौती के लिए दिया गया. वहीं श्रेष्ठ शिक्षण नवाचार पुरस्कार प्रो. सौरभ कुमार को मिला. विद्यार्थियों से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर लंबे अवधि के उपाधि कार्यक्रमों में श्रेष्ठ 5 प्रतिशत शिक्षकों में शामिल प्रो. हर्षल लोवालेकर, प्रो. मित वच्छराजानी, प्रो. सयंतन बनर्जी, प्रो. मनोज मोटियानी, प्रो. संजीव त्रिपाठी और प्रो. उदयन शर्मा को भी सम्मानित किया गया.श्रेष्ठ कर्मचारी पुरस्कार 2026 पीयूष त्रिवेदी, नेहा गुप्ता, पुनीत मिश्रा, अभिषेक विजय और अरुण कुमार सिंह को प्रदान किया गया. 10, 20 और 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों का भी सम्मान हुआ।
