कोलकाता, 02 अक्टूबर (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल में कूचबिहार और सिलीगुड़ी समेत कई जगहों पर छापेमारी की।
ईडी के सूत्रों के मुताबिक यह छापेमारी सुपारी के अवैध व्यापार, तस्करी और जीएसटी चोरी से जुड़े कथित धन शोधन के मामले की जांच के सिलसिले में की गयी। एजेंसी ने छह जगहों पर एक साथ छापेमारी के दौरान करीब 1.3 करोड़ रुपये नकद के साथ-साथ दस्तावेज़, मोबाइल फ़ोन और लैपटॉप भी ज़ब्त किए। इस अभियान में असम, मिज़ोरम और उत्तर प्रदेश की जगहें भी शामिल है।
यह जांच ईडी के गुवाहाटी कार्यालय ने असम के एक पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद शुरू की थी। शिकायत के आधार पर एजेंसी ने एक प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की और सुपारी के व्यापार से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू की।
उन्होंने बताया कि एजेंसी को शक है कि व्यापारियों का एक नेटवर्क जीएसटी की चोरी करते हुए सुपारी का कारोबार कर रहा था। जांच में इन आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है कि भारत-म्यांमार सीमा के रास्ते सुपारी की तस्करी की जा रही थी और उससे हुई कमाई को बाद में अलग-अलग वित्तीय लेन-देन के ज़रिए इधर-उधर किया गया।
कूचबिहार में ईडी अधिकारियों ने बक्शीरहाट में एक व्यापारी के घर की तलाशी ली और कूचबिहार के वार्ड नंबर 4 में स्थित उनके फ्लैट की भी तलाशी ली।
एजेंसी सिलीगुड़ी के एक सुपारी व्यापारी के साथ इस व्यापारी के कथित संबंधों की भी जांच कर रही है। जांच के तहत व्यापारी से जुड़ी जगहों पर तलाशी ली गयी।सिलीगुड़ी में ईडी की टीमों ने गुरुवार सुबह से कई जगहों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
ईडी अब तलाशी के दौरान ज़ब्त किये गये वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेज़ों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि पैसों के कथित लेन-देन, व्यापारियों के बीच संबंधों और धन शोधन के किसी भी संभावित ज़रीये का पता लगाया जा सके।
एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या जीएसटी की कथित चोरी और सीमा-पार तस्करी का संबंध अवैध पैसों के लेन-देन से था।
