यरुशलम, दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुए खतरनाक हमले और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की साजिश को अपनी जान पर खेलकर नाकाम करने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंज रही है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग समेत देश के कई शीर्ष नेताओं ने कैप्टन मच्छार की असाधारण जांबाजी की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘सच्चा नायक’ करार दिया है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि चाकू से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने जिस तरह से मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों व चालक दल को हमलावर पर काबू पाने का मौका दिया, उसने हवा में एक बड़ी 9/11 जैसी त्रासदी को टाल दिया।
राष्ट्रपति हर्जोग ने जताया गहरा आभार, 27 बच्चों सहित 174 यात्रियों की सुरक्षित बचाई गई जान
इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि इजराइल राष्ट्र इस साहसिक कदम के लिए कैप्टन स्मित मच्छार का अत्यंत आभारी है। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने अपनी बची हुई ताकत से जो दृढ़ संकल्प दिखाया, उससे विमान में सवार 27 बच्चों समेत कुल 174 मासूम यात्रियों की जान सुरक्षित बचा ली गई। इसके अलावा, इजराइली संसद (नेसेट) के अध्यक्ष आमिर ओहाना और संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने भी भारतीय पायलट के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके अदम्य साहस को ऐतिहासिक बताया है।
सऊदी अरब के अस्पताल में स्थिर है कैप्टन मच्छार की हालत, इजराइल में सम्मान देने की उठी मांग
घटना के बाद फ्लाईदुबई का वह विमान सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर उतरा था, जहां हमलावर सह-पायलट को हिरासत में ले लिया गया और घायल कैप्टन स्मित मच्छार को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। सऊदी अरब में स्थित भारतीय दूतावास लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है और परिवार के संपर्क में है। इस बीच, इजराइली राजनीतिज्ञों ने मांग की है कि बेन गुरियन हवाई अड्डे के एक लाउंज का नाम इस जांबाज भारतीय पायलट के नाम पर रखा जाए, ताकि उनके इस महान बलिदान और सूझबूझ को हमेशा याद रखा जा सके।

