छिंदवाड़ा एसपी ने हलफनामा पेश कर मांगी माफी

जबलपुर: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए छिंदवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किये थे। याचिका की सुनवाई के दौरान छिंदवाडा पुलिस अधीक्षक ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर हलफनामा में बिना शर्त माफी मांगी। हाईकोर्ट जस्टिस दीपक खोत की एकलपीठ ने गिरफतारी वारंट को निरस्त करते हुए आदेश के पालन के लिए 15 दिनों की मोहलत प्रदान की है। आदेश के पालन नही होने की स्थिति में अगली सुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश जारी किये है।

सुहागी जबलपुर निवासी सीता तिवारी की तरफ से दायर अवमानना याचिका में कहा गया था कि उनके पति संतोष पांडे छिंदवाड़ा में पुलिसकर्मी के पद पदस्थ थे। सेवानिवृत्ति उपरांत निधन होने जाने के बाद उनके खिलाफ विभाग के द्वारा दो लाख 24 हजार की रिकवरी निकाली गई। जिसके विरुद्ध हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट ने याचिका की सुनवाई के बाद उसके पक्ष में राहतकारी आदेश जारी किये थे।एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि 6 नवंबर 2025 को अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किए जाने के बावजूद अब तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई थी। छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक की तरफ से 11 फरवरी 2026 को गृह विभाग के अवर सचिव, वल्लभ भवन भोपाल को एक पत्र लिखा गया था। पत्र में बताया गया कि अवमानना याचिका के नोटिस प्राप्त हो चुके हैं और स्वीकृति के लिए गृह विभाग को पत्र भेजा गया है। इससे स्पष्ट है कि पुलिस अधीक्षक और संबंधित अधिकारी अवमानना प्रकरण के लंबित होने से परिचित थे। इसके बावजूद रजिस्ट्रार को केवल नोटिस प्राप्त होने की सूचना देना पर्याप्त समझा गया।
हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अपने आदेश में कहा था कि संबंधित अधिकारियों को अवमानना याचिका के नोटिस मिलने के बाद आवश्यक न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था। रजिस्ट्रार को नोटिस प्राप्त होने की सूचना देना पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। अधिकारियों को अधिवक्ता नियुक्त कर न्यायालय के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी चाहिए थी। आदेश का पालन नहीं करने और नोटिस मिलने के बावजूद न्यायालय में उपस्थित नहीं होने की स्थिति गंभीर है। प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार हैं कि एसपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किये जाये। एकलपीठ ने वारंट तामील की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर सौंपी गयी थी।अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक अजय पांडे एकलपीठ के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए और हलफनामे के साथ माफीनामा प्रस्तुत किया। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता सचिन पांडे ने पैरवी की।

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